सुनीता विलियम्स स्पेस स्टेशन से अमेरिकी चुनाव में वोट डालेंगी

न्यूयॉर्क

 महीनों से अंतरिक्ष में फंसी सुनीता विलियम्स के अमेरिकी चुनाव तक धरती पर लौटने के आसार कम हैं। इसके बावजूद भी वह देश का नेता चुनने के लिए तैयार हैं। खबर है कि विलियम्स अंतरिक्ष से ही अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगी। खास बात है कि अमेरिका में स्पेस से अंतरिक्ष यात्रियों के लिए वोटिंग की प्रथा साल 1997 से ही चली आ रही है।

ISS यानी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की कमांडर विलियम्स स्पेस से ही मतदान के लिए तैयार हैं। वह धरती की सतह से अनुमानित 400 किमी की दूरी से वोटिंग में शामिल होंगी। वह स्पेस के मतदाताओं के एक सिलेक्ट ग्रुप में शामिल होंगी। इतिहास में सबसे पहले वोट डालने वाले अमेरिकी डेविड वुल्फ हैं। वहीं, हाल ही में यह उपलब्धि हासिल करने वाली केट रुबिन्स थीं। उन्होंने 2020 के चुनाव में वोट डाला था।
स्पेस से कैसे वोट डालेंगी सुनीता विलियम्स

जिस तरह से विदेश में बैठे अमेरिकी नागरिक मतदान में शामिल होते हैं, उससे मिलती-जुलती प्रक्रिया से विलियम्स भी गुजरेंगी। हालांकि, इसमें कई और बातें भी शामिल हैं। सबसे पहले उन्हें एब्सेंटी बैलेट हासिल करने के लिए फेडरल पोस्ट कार्ड एप्लिकेशन पूरी करनी होगी। इसे हासिल करने के बाद वह ISS के कंप्युटर सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिक बैलेट भरेंगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वोटिंग प्रक्रिया नासा के SCaN यानी सोफिस्टिकेटेड स्पेस कम्युनिकेशन एंड नेविगेशन पर निर्भर है। विलियम्स का बैलेट एजेंसी के नियर स्पेस नेटवर्क के जरिए आगे बढ़ेगा। इसके बाद नासा के न्यू मैक्सिको स्थित व्हाइट सैंड्स टेस्ट फैसिलिटी ग्राउंड एंटेना तक पहुंचेगा। बाद में इसे ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर के मिशन कंट्रोल सेंटर भेजा जाएगा।

ह्यूस्टन से एनक्रिप्टेड बैलेट काउंटी क्लर्क के पास भेजा जाएगा। खास बात है कि सिर्फ विलियम्स और काउंटी क्लर्क के पास ही मतपत्र तक पहुंच होगी।

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