रिजल्ट से पहले ही भूपिंदर हुड्डा का दिल्ली में डेरा, न टायर्ड हूं और न रिटायर्ड, करेंगे राहुल गांधी से मुलाकात

नई दिल्ली
हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले भूपिंदर सिंह हुड्डा दिल्ली पहुंच गए हैं। वह यहां पार्टी लीडर राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले हैं। इससे पहले हुड्डा ने दिल्ली में मीडिया से भी बात की और कहा कि मैं न तो टायर्ड हूं और न ही रिटायर्ड हूं। इसके साथ ही हुड्डा ने संकेत दे दिए कि वह सीएम की रेस में बने हुए हैं। उन्होंने खुलकर तो इतना ही कहा कि हाईकमान और विधायक तय करेंगे कि सीएम कौन बनेगा, लेकिन खुद को टायर्ड और रिटायर्ड से परे बताकर सीनियर हुड्डा ने अपनी दावेदारी तो जता ही दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रिजल्ट से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस के मुख्यालय पहुंचे। उनके इस तरह से दिल्ली आने से हरियाणा कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। इस दौरान हरियाणा प्रभारी दीपक बावरिया ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मुलाकात की‌। माना जा रहा है कि हुड्डा आज शाम राहुल गांधी के साथ भी मीटिंग कर सकते हैं। हुड्डा रात में अपने दिल्ली स्थित आवास पर रुकेंगे। भूपेंद्र हुड्डा को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन कांग्रेस की कुमारी सैलजा, सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी मुख्यमंत्री पद के लिये अपनी-अपनी दावेदारी ठोक दी है। एग्जिट पोल के मुताबिक हरियाणा में कांग्रेस बहुमत से जीत रही है।

हुड्डा, कुमारी सैलजा और सुरजेवाला सीएम पद की दौड़ में
मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले कई महीनों से भूपेन्द्र हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला के बीच खींचतान जारी है। चुनाव के नतीजों से पहले ही हुड्डा ने अपने समर्थक उम्मीदवारों से बातचीत शुरू कर दी है। वहीं सैलजा और सुरजेवाला को आलाकमान से उम्मीद बनी हुई है। तीनों ही नेता खुद को मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल बता रहे हैं। सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होने के सवाल पर हुड्डा ने कहा था कि राजनीति में कोई भी आकांक्षा रख सकता है। मुख्यमंत्री पद के लिए एक तय प्रक्रिया होती है। पार्टी आलाकमान का फैसला करेगा और वहीं सर्व मान्य होगा।

मतदान से पहले सोनिया गांधी से मुलाकात कर चुकी सैलजा
कांग्रेस हाईकमान ने हरियाणा में मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं कर रखा है। रणनीति के तहत बिना चेहरे के ही चुनाव लड़ा गया। हालांकि, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले दो बार सीएम रह चुके हैं और तीसरी बार के लिए भी मजबूत दावेदार हैं। कुमारी सैलजा मतदान से पहले ही सोनिया गांधी से मुलाकात कर चुकी हैं। मतदान से दो दिन पहले कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंची। दोनों के बीच करीब आधे घंटे बातचीत हुई थी।

कुमारी सैलजा भी कर चुकी हैं सोनिया गांधी से मीटिंग
सोनिया गांधी से मुकालात करने के बाद कुमारी सैलजा ने किसी से बात नहीं की। वो मीडिया से बात किए बगैर कार में वहां से निकल गईं। दोनों नेताओं की मुलाकात ने हरियाणा की राजनीति में हलचल मचा दी थी। अब सुरजेवाला भी जल्द ही हाईकमान के दरबार भी पहुंच सकते हैं। हुड्डा अभी तक हाईकमान की ओर से फ्री हैंड रहे हैं। पहले हुड्डा अपने समर्थक चौधरी उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष बनाने में कामयाब रहे। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी ज्यादातर उनके ही समर्थकों को टिकट मिले।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति