पंचायती चुनाव से ठीक पहले पंजाब सरकार ने बुलाई गई कैबिनेट मीटिंग के स्थल में बदलाव किया

पंजाब
पंचायती चुनाव से ठीक पहले पंजाब सरकार ने कल बुलाई गई कैबिनेट मीटिंग के स्थल में बदलाव किया गया है। बता दें, पहले मीटिंग जालंधर में पीएपी में होने जा रही जो अब चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास में होगी। मीटिंग की समय कल दोपहर 2 बजे का है। मीटिंग को लेकर कोई एजेंडा जारी नहीं किया गया है। इस दौरान पंजाब कैबिनेट (Punjab Cabinet) में कई मुद्दों पंजाब पंचायती चुनाव, नगर निगम चुनाव, डाक्टरों की भर्ती पर चर्चा कर सकती हैं और कई अहम फैसलों पर मुहर भी लगा सकती हैं। आपको बता दें पिछली कैबिनेट मीटिंग 5 सितंबर को चंडीगढ़ में ही हुई थी।

गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Chief Minister Bhagwant Singh Mann) ने आज आढ़ती एसोसिएश की हाई लैवल की मीटिंग बुलाई गई।  इस दौरान सीएम मान (CM Mann) ने कहा कि आढ़तियों की हर मांग पूरी की जाएगी। इसके अलावा आढ़तियों की सभी मांगों को केंद्र सरकार (Central government) के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति