कांग्रेस दोनों ही राज्यों में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा द‍िलाने के ल‍िए करेंगे प्रयास : रविंद्र शर्मा

नई दिल्ली
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में हुए विधानसभा चुनावों में हर एग्जिट पोल को धता बताते हुए भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया। साथ ही कांग्रेस पार्टी दोनों ही राज्यों में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई। जम्मू कश्मीर में भी नेशनल कांफ्रेंस के गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन कांग्रेस पार्टी अकेले अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। जम्मू कश्मीर की 90 सीटों में से कांग्रेस 6 सीटें ही जीत पाई, जबकि नेशनल कांफ्रेंस की 42 सीटों को मिलाकर गठबंधन ने 48 सीटों पर जीत दर्ज की। राज्य में गठबंधन के मिली जीत के बाद कांग्रेस और एनसी सरकार बनाने की प्रक्रिया में हैं। राज्य में सरकार के गठन पर कांग्रेस प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने जानकारी दी।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह तो स्पष्ट है कि सरकार बनाने की प्रक्रिया चल रही है, और सरकार को शपथ दिलाई जाएगी। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्‍य का दर्जा द‍िलाने के ल‍िए प्रयास जारी रहेगा। हम प्रयास तब तक करते रहेंगे, जब तक जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा मिल नहीं जाता।”

उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा, “ यह जम्मू-कश्मीर की जनता का अधिकार है और वो राज्‍य व केंद्र सरकार से अपना अधिकार मांगें। कांग्रेस ने भी कहा है कि यहां सुरक्षा का होना जरूरी है। यह महत्वपूर्ण है कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपनी जमीन और नौकरियों के अधिकार सुरक्षित रखें। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए एक संवैधानिक गारंटी होनी चाहिए। र‍व‍िंद्र शर्मा ने कहा क‍ि कांग्रेस ने कश्मीर में अच्छा प्रदर्शन किया है, जहां हमने आठ में से पांच सीटें जीती हैं, लेक‍िन जम्मू में स्थिति थोड़ी अलग रही है। प्रशासन और भाजपा ने चुनाव में दुरुपयोग किया है, इसकी कई शिकायतें मिली हैं। हमें यह देखना होगा कि क्या हमारे भीतर भी कोई कमी थी।”

उन्होंने कहा, “आपको लगता है कि भाजपा की इतनी बड़ी जीत जम्मू में हुई है, जबकि हमें तो ऐसा नहीं लग रहा था। चुनावी माहौल ऐसा था कि लोग बदलाव चाहते थे, लेकिन परिणाम कुछ और ही दिखा रहे हैं। हम इस पर चर्चा करेंगे और फीडबैक लेंगे। मेरा मानना है कि कुछ न कुछ गड़बड़ तो जरूर है। लोग कांग्रेस के साथ थे, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अवैध गतिविधियों को नहीं रोका गया। इसलिए हमें यह देखना होगा कि क्या वजह थी और क्यों ऐसा हुआ। जनता की आवाज़ सुननी होगी और उन पर ध्यान देना होगा।”

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