मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से युवक की मौत, बहराइच में बढ़ा बवाल, एनकाउंटर-बुलडोजर ऐक्शन की मांग

बहराइच
बहराइच में महसी के महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से मृतक युवक का शव सुबह पौने आठ बजे गांव पहुंचा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार को आक्रोशित ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। शव लेकर ग्रामीण महसी तहसील मुख्यालय कूच कर आए हैं। यहां शव रखकर हजारों की भीड़ प्रदर्शन कर रही है। कई थानों की पुलिस संग डीएम व एसपी मौके पर लोगों को समझाने में लगी हुई हैं, लेकिन आक्रोशित लोग हत्यारोपितों के एनकाउंटर व घर पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान खैरीघाट थाने के ग्राम रेहुआ मंसूर निवासी 22 वर्षीय गोपाल मिश्र को गोली मार दी गई थी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आज सुबह उसका शव पैतृक गांव पहुंचते ही आसपास के गांवों के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर तहसीलदार महसी पहुंचे। इन्हें देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया।

तहसीलदार जाओ, जाओ के नारे संग उन्हें खदेड़ दिया गया। ग्रामीण शव को कंधों पर रखकर निकल पड़े। जिस गांव से शव गुजरा सैकड़ों ग्रामीण कारवां के साथ जुड़ते चले गए। सात किलोमीटर लंबा फासला तय कर ग्रामीण शव लेकर महसी तहसील मुख्यालय पहुंच गए। यहां शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। सूचना पर डीएम मोनिका रानी, एसपी वृंदा शुक्ला, एडीएम गौरव रंजन, एएसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी समेत कई थानों की पुलिस भी बुला ली गई है। आक्रोशित ग्रामीणों को माइक से डीएम लगातार समझाने का प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गोली मारने व उन्माद करने वालों को खोज कर एनकाउंटर किया जाए। आरोपितों के घरों पर बुलडोजर संग पीड़ित परिवार को एक करोड़ की मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

फिर भांपने में चूका खुफिया तंत्र
जिला अस्पताल गेट बाहर सड़क पर शव प्रदर्शन के बाद भी जनभावनाओं को समझने में खुफिया व पुलिस महकमा एक बार फिर चूका है। जिस समय मृतक का शव गांव पहुंचा। आला अधिकारी के बजाए तहसीलदार को मौके पर भेजा गया है। इसके चलते सात किलोमीटर तक शव लेकर आक्रोशित ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंच गए।

डीएम माइक से वार्ता की लगातार कर रही अपील
डीएम मोनिका रानी आक्रोशित भीड़ संग वार्ता को लेकर लगातार माइक से समझाने का प्रयास कर रही हैं। डीएम तीन जिम्मेदारों को सामने आकर अपनी मांग रखने को कह रही हैं। उनका कहना है कि शव दफनाने के बाद वे लोग मांग को लेकर तत्काल कार्रवाई शुरू करेंगी। हालांकि भीड़ लिखित आश्वासन मांग रही है।

विधायक के आश्वासन पर माने लोग, शव लेकर निकले गांव की ओर
महसी तहसील मुख्यालय पर शव रखकर सुबह नौ बजे से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण विधायक महसी सुरेश्वर सिंह के आश्वासन के बाद मान गए हैं। ग्रामीण तहसील से शव लेकर गांव की ओर निकल पड़े हैं। शव यात्रा में भारी भीड़ भी शामिल है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव तक के रास्तों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। विधायक ने कठोर से कठोर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति