परमेश शिवमणि भारतीय तटरक्षक के 26वें महानिदेशक बने

नई दिल्ली
परमेश शिवमणि भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) के नए महानिदेशक बने हैं। उन्होंने मंगलवार को महानिदेशक पद का पदभार संभाला। परमेश शिवमणि भारतीय तटरक्षक के 26वें महानिदेशक हैं। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को उनकी नियुक्ति को लेकर यह आधिकारिक जानकारी दी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक परमेश शिवमणि ने अपने साढ़े तीन दशक से अधिक के शानदार करियर के दौरान, तट और जलपोत नियुक्तियों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। वह नेविगेशन और डायरेक्शन में माहिर हैं और उनकी समुद्री कमांड में आईसीजी के सभी प्रमुख जहाज शामिल रहे हैं।

उनकी समुद्री कमांड में उन्नत ऑफशोर गश्ती जहाज ‘समर’ और ऑफशोर गश्ती जहाज ‘विश्वस्त’ भी शामिल रहे हैं। परमेश शिवमणि अपनी सर्विस के दौरान तटरक्षक क्षेत्र (पूर्व), तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम), तटरक्षक कमांडर (पूर्वी समुद्री तट) के शीर्ष पदों पर रह चुके हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारतीय तटरक्षक के नए महानिदेशक नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के पूर्व छात्र रह चुके हैं।

परमेश शिवमणि को सितंबर 2022 में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया था। बाद में उन्हें तटरक्षक मुख्यालय, नई दिल्ली में तैनात किया गया था। उन्हें अगस्त 2024 में महानिदेशक तटरक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस अवधि के दौरान कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन और अभ्यास पूरे किए गए। इनमें करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थों और सोने की जब्ती शामिल है। इसके अलावा गंभीर चक्रवाती तूफानों के दौरान नाविकों का बचाव, विदेशी तट रक्षकों के साथ संयुक्त अभ्यास, अवैध शिकार विरोधी अभियान, चक्रवात व प्राकृतिक आपदाओं और तटीय सुरक्षा अभ्यास के दौरान मानवीय सहायता भी इन ऑपरेशनों में शामिल रहे।

डीजी परमेश शिवमणि को उनकी शानदार सेवा के लिए वर्ष 2014 में तटरक्षक पदक और 2019 में राष्ट्रपति तटरक्षक पदक से सम्मानित किया गया था। उन्हें 2012 में डीजी कोस्ट गार्ड कमेंडेशन और 2009 में फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (ईस्ट) कमेंडेशन से भी सम्मानित किया गया था।

गौरतलब है कि भारतीय तटरक्षक बल के तत्कालीन महानिदेशक राकेश पाल की इसी साल अगस्त महीने में मृत्यु हो गई थी। तटरक्षक बल के तत्कालीन महानिदेशक की मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया। हार्ट अटैक के उपरांत उन्हें चेन्नई के एक अस्पताल में ले जाया गया जहां कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी।

 

 

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