राजस्थान-भरतपुर में प्रियंका गांधी के करीब संसद उठा रहीं संजना खेत से भूसा

जयपुर.

राजस्थान की एक महिला सांसद का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें वे अपनी सास के साथ खेत में काम करती नजर आ रहीं हैं। वीडियो में दिख रहा है कि देश की संसद में बैठने वाली सांसद खेत में पड़ा पशुओं का चारा इकठ्ठा कर रही हैं। ऐसे में सांसद की सादगी की जमकर चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल इस सांसद का नाम संजना जाटव है और ये भरतपुर की लोकसभा सीट से सांसद हैं।

संजना जाटव देश की सबसे कम उम्र की महिला सांसद हैं। वे सिर्फ 26 साल की उम्र में सांसद बनकर संसद में पहुंची हैं। संजना जाटव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रामस्वरूप कोली को मात दी थी। पहली बार सांसद बनने के कारण संजना जाटव सुर्खियों में आई थीं। इससे पहले संजना ने 2023 के विधानसभा चुनाव में अलवर की कठूमर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें इस दौरान हार का सामना करना पड़ा था। संजना 409 वोटों से चुनाव हार गईं थी। इससे पहले संजना अलवर में जिला परिषद की सदस्य भी रह चुकीं हैं।

प्रियंका गांधी की गुडबुक में शामिल हुईं
कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी के 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान से जुड़ने के बाद संजना की खूब चर्चा हुई थी और वे प्रियंका गांधी की गुडबुक में भी शामिल हो गई थीं। संजना जाटव सचिन पायलट गुट की नेता मानी जाती हैं। यही कारण रहे कि विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद भी कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में संजना जाटव को प्रत्याशी बनाया था। वे पार्टी के भरोसे पर खरी उतरीं और जीत भी दर्ज की।

गांव की साधारण महिला कांस्टेबल की पत्नी
सांसद संजना जाटव एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके कप्तान सिंह राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल हैं। बीते दिनों कप्तान सिंह को उनकी पत्नी सांसद संजना जाटव की सुरक्षा में  पब्लिक सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) तैनात किया था। इस दौरान भी दोनों सुर्खिंया में रहे।

18 साल की उम्र में हुई थी शादी
बताया जाता है कि सांसद संजना जाटव की शादी 18 साल की उम्र में हो गई थी। उनके ससुर हरभजन सिंह के कारण संजना की राजनीति में एंट्री हुईं और अब वे सांसद हैं। हालांकि, संजना का कहना है कि सांसद बनने के बाद भी मेरी जिंदगी में कुछ नहीं बदला है। आज भी मैं अपने घर के काम करती हूं, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों का ध्यान रखती हूं। जिस जनता ने मुझे यहां तक पहुंचाया है, उसके लिए पूरी ईमानदारी से काम भी करती हूं।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति