जॉनसन एंड जॉनसन हर्जाने में देगी रु. 126 करोड़, बेबी पाउडर से कैंसर होने का किया था दावा!

नई दिल्ली

जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के नाम से लगभग हर कोई परिचित है और बेबी केयर से जुड़े इसके प्रोजेक्ट्स घर-घर में इस्तेमाल किए जाते हैं. इस बड़ी कंपनी को लेकर अब बड़ी खबर आई है, इसमें कहा गया है कि J&J को एक शख्स को 15 मिलियन डॉलर या करीब 126 करोड़ रुपये से ज्यादा देना पड़ेगा. दरअसल, इस शख्स ने साल 2021 में एक मुकदमा दायर कर कंपनी के बेबी पाउडर पर गंभीर सवाल उठाए थे और दावा किया था इसके लगातार इस्तेमाल से कैंसर का खतरा होता है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…

कंपनी के बेबी पाउडर पर ये गंभीर आरोप
सबसे पहले बात कर लेते हैं उन आरोपों की, जो जॉनसन एंड जॉनसन पर लगाए गए थे. तो बता दें कि कनेक्टिकट के एक शख्स इवान प्लॉटकिन ने J&J के बेबी पाउडर पर आरोप लगाया था कि इस टैल्क पाउडर का दशकों तक इस्तेमाल करने के चलते उसे मेसोथेलियोमा जैसा दुर्लभ कैंसर (Mesothelioma Cancer) हो गया. इस व्यक्ति ने अपनी बीमारी के निदान के बाद साल 2021 में कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था.

कनेक्टिकट के शख्स ने दर्ज कराया था मुकदमा
इवान प्लॉटकिन ने अपनी बीमारी के उपचार और इससे निजात पाने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए कमर कसी और फेयरफील्ड काउंटी, कनेक्टिकट सुपीरियर कोर्ट में एक मुकदमा दायर कराया, जिसमें कहा गया कि इस बेबी पाउडर के इस्तेमाल से उसे गंभीर बीमारी हो गई थी. जूरी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पाया कि Johnson & Johnson कंपनी को हर्जाना देना चाहिए, जिसे बाद में मामले को देखने वाले न्यायाधीश द्वारा निर्धारित किया जाएगा. अब कंपनी को 15 मिलियन डॉलर का पेमेंट करने के लिए कहा गया है.

कंपनी ने कहा, गलत फैसले की खिलाफ अपील करेंगे
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर को लेकर इतने गंभीर आरोप लगाने वाले इवान प्लॉटकिन के वकील बेन ब्रेली ने एक ईमेल में कहा है कि उनकी ट्रायल टीम इस बात से उत्साहित है कि जूरी ने एक बार फिर जॉनसन एंड जॉनसन को बेबी पाउडर उत्पाद की मार्केटिंग और सेल के लिए जवाबदेह ठहराने का फैसला किया है, जिसमें एस्बेस्टस (एक प्रकार का हानिकारक फाइबर) है.

वहीं दूसरी ओर जूरी के निर्णय पर j&J की ओर से एरिक हास (मुकदमेबाजी के मामलों के वाइस प्रेसिडेंट) ने एक बयान में कहा कि कंपनी ट्रायल जज के गलत फैसलों के खिलाफ अपील करेगी. उन्होंने कहा कि जूरी को इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को सुनने से रोका गया है. उन्होंने ये भी कहा कि साइंटिफिक जांचों में इस बात की पुष्टि पहले ही हो चुकी है कि जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी टैल्क सुरक्षित है और इसमें एस्बेस्टस नहीं है. ऐसे में ये किसी भी तरह के कैंसर का कारण नहीं बनता है.

भारत में भी बड़ा है कारोबार
अमेरिकी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन का भारत में भी बड़ा कारोबार है और लंबे समय से देश में बेबी पाउडर बेच रही है. कंपनी का जॉनसन बेबी पाउडर भारतीय मार्केट में काफी पॉपुलर है. ज्यादातर घरों में छोटे बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर इस पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. भारत में कंपनी बेबी पाउडर के अलावा बेबी शैम्पू, बेबी सोप और बेबी ऑयल भी बेचती है और उनकी बड़ी डिमांड है.

 

admin

Related Posts

₹35,000 करोड़ का निवेश, 12 हजार नई नौकरियां, 10 लाख कारों का प्रोडक्शन – Maruti की बड़ी योजना

  नई दिल्ली    Maruti New Plant in Gujarat: भारत की सड़कों पर दौड़ती हर दूसरी कार में मारुति की झलक मिल जाती है. मारुति तकरीबन आधे कार बाजार पर…

दो करोड़ से ज्यादा दोपहिया बिकने के बावजूद नहीं टूटा 7 साल का रिकॉर्ड, वजह जानें

नई दिल्ली भारत का दोपहिया वाहन बाजार एक बार फिर मजबूती के साथ आगे बढ़ता दिख रहा है. साल 2025 में टू-व्हीलर बिक्री ने दो करोड़ का आंकड़ा पार कर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी