अयोध्या के भदरसा गैंगरेप केस में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निरुपमा विक्रम की अदालत में हुई सुनवाई

अयोध्या
अयोध्या के भदरसा गैंगरेप केस में बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निरुपमा विक्रम की अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट में पीड़िता ने अपना बयान दर्ज कराया। इस दौरान आरोपी मोईद खान और उसका नौकर राजू सामने सिर झुकाए खड़े रहे। पीड़िता का बोलते समय गला भर आया। इसके बाद पीड़िता के बयानों के आधार पर मोईद खान और उसके नौकर से सवाल-जवाब किए गए।

पीड़िता को मंगलवार को बयान दर्ज करवाना था। लेकिन, वह बीमार हो गई। पीड़िता ने यह बात भी कोर्ट को बताई। उसने कहा- कल मुझे बुखार आ गया था। इसलिए नहीं आ पाई। कोर्ट रूम में पीड़िता के साथ उसकी मां भी मौजूद रही। पीड़िता के मां का बयान भी दर्ज किया गया। 6 दिन पहले गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सपा नेता मोईद खान और उसके नौकर राजू पर आरोप तय किए थे। घटना में विवेचक को कोर्ट से 25 दिन की रिमांड मिली है। मोईद खान के नौकर राजू की DNA रिपोर्ट पीड़िता के बच्चे से मैच हुई थी। अपर महाधिवक्ता विनोद शाही ने बताया- मोईद खान का DNA मैच नहीं हुआ है।

मोईद और राजू को कोर्ट में पेश किया गया
दोनों आरोपियों मोईद खान और राजू को मंडल कारागार से लेकर कोर्ट में पेश किया गया। राजू खान ने अपना वकालतनामा दाखिल किया। मोईद खान के वकील सईद खान की मौजूदगी में दोनों पक्षों की बहस सुनकर आरोपी बनाए गए। कोर्ट ने मामले में पीड़ित बच्ची के साथ गैंगरेप करने, जान से मार डालने की धमकी देने और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय किए हैं। कोर्ट में पैरोकार ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी दाखिल की।

गर्भवती हो गई थी बच्ची
हैवानियत के बाद बच्ची गर्भवती हो गई थी। मां को जब पता चला तो वह पुलिस चौकी के चक्कर लगाती रही। यह पुलिस चौकी आरोपी मोईद के घर पर बनी थी। तब पुलिस ने उसकी FIR नहीं दर्ज की थी। इसके बाद जब मामला तूल पकड़ने लगा, तब मोईद के घर से पुलिस चौकी को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। इसके साथ ही आरोपियों को नामजद करते हुए FIR लिखी गई। आरोपी सपा नेता मोईद खान और उसके नौकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

विधानसभा में गूंजा था मामला
मामला विधानसभा में गूंजा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सदन में इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी को घेरा। आरोपी सपा नेता अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद का करीबी बताया जा रहा है। लड़की को इलाज के लिए पहले अयोध्या जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर वहां से लखनऊ के KGMU के क्वीन मैरी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। यहां कम एज और सेहत को देखते हुए लड़की का गर्भपात करा दिया गया। आरोपी मोईद खान और उसके नौकर का DNA टेस्ट भी कराया गया।

भदरसा गैंगरेप कांड ने केस ने देशभर में सुर्खियां बटोरी। वहीं पीड़िता के घर वालों का आरोप है कि लगातार उन्हें धमकाया गया। केस वापस लेने की बात कही गई। वहीं, घटना के बाद भदरसा इलाका हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया था। 28 बटालियन यूनिट के जवान प्राथमिक स्कूल भदरसा, गुड़ मंडी, बड़ा दरवाजा, हनीफ खां मस्जिद, मिर्जापुरी कुंआ, पीएनबी बैंक समेत पूरे बाजार में तैनात रही। फिलहाल, पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई है। लेडी पुलिस कर्मी के अलावा 4 सिपाही पीड़िता के घर पर तैनात हैं। वहीं, पुलिस पेट्रोलिंग भी दिन में तीन बार की जा रही है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति