छिंदवाड़ा में पति की हत्या के बाद अब पत्नी ने भी लगाई फांसी, दो परिवार हुए बर्बाद

छिंदवाड़ा

 मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बहुत ही मार्मिक खबर सामने आई है। यहां परासिया चांदामेटा के वार्ड क्रमांक 7 बडिया लाईन में 19 वर्षीय युवती उर्वषी उर्फ राधिका मालवी ने आज फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती का शव बाथरूम में साड़ी के फंदे से लटका पाया गया। घटना दोपहर साढे़ तीन बजे के आसपास की है। तहसीलदार की मौजूदगी में पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पंचनामा बनाया। साथ ही मामले की जांच कर रही है।

दरअसल, युवती के पति की हत्या एक महीने पहले 15 सितंबर की रात उसके पिता और भाई ने चाकू मारकर कर दी थी। आरोपी पिता और भाई बेटी के प्रेम विवाह से नाराज थे। सुसाइड से पहले उर्वषी उर्फ राधिका ने सभी के साथ समय बिताया। उसने सास, ससुर, सास की बड़ी बहन, देवर, जेठ, जेठानी सभी के साथ मिलकर खाना खाया। दोपहर के भोजन के बाद जेठ जेठानी अपने घर चले गए। उर्वषी ने बरतन मांजे। इसके बाद झूले में खेल रहे बच्चों से बात की। खुद भी झूले में झूली। फिर जो किया सबके होश उड़ गए।

बाथरूम में जाकर लगाई फांसी

झूला झूलने के बाद राधिका नहाने चली गई। काफी देर बाद जब वह बाथरूम से नहीं लौटी तो परिवार के लोगों ने दरवाजा देखा। उसने किचन का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। उसका देवर छत पर चढ़ा। उसने बाथरूम के दरवाजे पर पत्थर मारा तो कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद देवर ने चारदीवारी कूदकर खिड़की से देखा तो उर्वषी फांसी के फंदे पर लटकी थी।

मोहल्ले से गुजर रहे थे टीआई

वे पुलिस को सूचना देने जा रहे थे। उसी दौरान चांदामेटा टीआई अरुण मर्सकोले मोहल्ले से ही गुजर रहे थे। उन्हें सूचना दी गई। उन्होंने ही दरवाजा तोड़ा। इसके बाद परासिया तहसीलदार को सूचना दी गई। परासिया तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा मौके पर पहुंची। इसके बाद सब इंस्पेक्टर के साथ सिपाही आए। उन्होंने पंचनामा बनाकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

घर के सामने चाकू मारकर की थी पति की हत्या

23 साल का योगेश मालवी वार्ड सात में रहता था। अपने पिता के साथ टाईल्स लगाने का काम करता था। उसके घर के समीप रहने वाली राधिका से उसका प्रेम था। दोनों का प्रेम विवाह युवती की नानी ने कराया था। लेकिन परिजन नाराज थे। पंद्रह सितंबर की रात युवती के पिता बिल्लू उर्फ विदेषी मालवी ने अपने नाबालिग पुत्र के साथ जाकर युवक को बुलाया और उसके पेट में चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी थी।

तबाह हो गए दो परिवार

योगेष की हत्या के आरोप में युवती के पिता और भाई जेल में है। उसकी मां कहीं चली गई है। उनके घर में ताला लटका है। इधर योगेश की मौत हो गई और एक महीने बाद आज उसकी पत्नी ने भी फांसी लगा ली। दोनों परिवार तबाह हो गए।

बेटी जैसी रख रहे थे उर्वषी को

मृतक युवती के ससुर पप्पी मालवी ने बताया कि घर में गंगा पूजन है। इसलिए साफ सफाई का काम चालू है। सभी आज हंसी खुशी घर में थे। तनाव या डिप्रेषन जैसी कोई स्थिती नहीं थी। बेटे की मौत के बाद वे बहु को बेटी जैसी रख रहे थे। कई बार उससे पूछा गया कि उसे कहीं जाना हो, कहीं और रहना हो तो उसे छोड देंगे। वह यहीं रहने की बात करती थी। आज उसने दूसरा दुख दे दिया।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति