सैनी कैबिनेट में मंत्री बने गोहाना विधायक अरविंद शर्मा भी, यहां की जलेबी हुई थी मशहूर

गोहाना
गोहाना की विशाल जलेबी और हरियाणा चुनावों के बीच एक मीठा संबंध बन गया था। पूरे चुनाव के दौरान इसकी खूब चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनावी भाषणों में इसका जिक्र किया था। हलांकि जिस दिन नतीजे सामने आए उस दिन यह सीट भाजपा की झोली में गई। अरविंद शर्मा यहां से विधायक बने। आज जब नायब सिंह सैनी और उनकी कैबिनेट ने शपथ ली तो अरविंद शर्मा को भी मंत्री बनाया गया।

डॉ. अरविंद शर्मा 1996 में सोनीपत लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर सियासी दिग्गजों को चौंका दिया था। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए और करनाल से 2004 और 2009 में फिर सांसद बने। 2014 में कांग्रेस छोड़कर बसपा में चले गए। हालांकि वह विधानसभा चुनाव भी हार गए। 2019 में वह भाजपा में शामिल हुए। भाजपा ने रोहतक लोकसभा सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा को 7503 मतों से हराया। 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें गोहाना से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने तीन बार के कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक को चुनाव हराया।

गोहाना की मशहूर जलेबी को 1958 में मातू राम गोहाना में लेकर आए थे। अब इसे मातू राम की तीसरी पीढ़ी चला रही है। जलेबी शुद्ध देसी घी से बनाई जाती है। ये कुरकुरी और रसभरी होती है और हर का वजन लगभग 250 ग्राम होता है। यह मिठाई एक हफ्ते से अधिक समय तक रखी जा सकती है। चुनावों के दौरान नेताओं की ओर से भारी ऑर्डर आते हैं, जबकि उनमें से कुछ लोग मिठाई खाने के लिए गोहाना की दुकान पर जाना पसंद करते हैं।

राहुल ने किया था जिक्र
गोहाना में एक चुनावी रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रसिद्ध जलेबी निर्माता मातू राम हलवाई का डिब्बा दिखाते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनकी जलेबी पूरे देश में बेची जानी चाहिए और निर्यात की जानी चाहिए। इससे अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

लोकसभा चुनाव में PM ने साधा था निशाना
इससे पहले, मई में गोहाना में लोकसभा चुनाव के लिए एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधने के लिए मातू राम की जलेबी का जिक्र किया था। विपक्षी इंडिया गठबंधन पर हमला करते हुए मोदी ने तब कहा था कि अगर वे सत्ता में आते हैं तो उनके पास पांच साल में पांच प्रधानमंत्री बनाने का फॉर्मूला है। उन्होंने कहा, उनसे पूछो क्या प्रधानमंत्री का पद हमारी मातू राम की जलेबी है?

चौधरी देवीलाल भी जलेबियों के शौकीन रहे
पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल भी मातू राम की जलेबियों के शौकीन थे। हरियाणा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी और कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा कुछ देर के लिए इस दुकान पर रुके थे।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति