प्रमुख 8 मंदिरों के आचार्यों एवम समिति की बैठक में लिया गया निर्णय, अन्नकूट 2 नवंबर को

राजनांदगांव

इस वर्ष दीपावली त्यौहार मनाने को लेकर संशय की स्तिथि है, अनेक विद्वान आचार्य विभिन्न पंचांग के अनुसार 31 अक्तूबर तो अनेक विद्वान आचार्य 1 नवम्बर को दीपावली का त्यौहार मनाने का तर्क दे रहे है। नगर के अनेक मंदिरों में दीपावली के दूसरे दिन अन्नकूट प्रसादी का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। दीपावली की तिथि के संशय को देखते हुए अन्नकूट महोत्सव करने पर भी दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जिसका समाधान निकालने हेतु सत्यनारायण मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक लोहिया के आग्रह पर संस्कारधानी नगरी के प्रमुख मंदिरों के आचार्यों एवम समिति सदस्यो की एक बैठक कल सत्यनारायण धर्मशाला में आयोजित की गई।

बैठक में सत्यनारायण मंदिर के आचार्य पंडित कालूराम शास्त्री, समिति के अशोक लोहिया, सुरेश अग्रवाल, हरीश अग्रवाल, श्याम खंडेलवाल, लक्ष्मण लोहिया, श्री बालाजी मंदिर पुराना गंज मंडी के संतोष हुंका, बिसन अग्रवाल, नंदू भूतड़ा, पंडित गया प्रसाद मिश्र, जलाराम राम मंदिर के पंडित मनोज शांतिलाल शुक्ला, मोतीनाथ मंदिर के अरुण खंडेलवाल, लक्ष्मीनारायण मंदिर के आशीष गांधी, श्री गणेश मंदिर मिथिलाधाम के अशोक चौधरी, महाकाल मंदिर सिंघोला के पवन डागा, श्री रामदेव बाबा मंदिर के आचार्य शरद तंवर, श्री महालक्ष्मी मंदिर के मनीष शर्मा, उमेश चंद शर्मा एवं चैंबर आॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष शरद अग्रवाल उपस्थित हुए। सभी ने गहन विचार विमर्श के पश्चात सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि दीपावली का त्यौहार चाहे 31अक्तूबर को मनाया जाए , चाहे 1 नवम्बर को। अन्नकूट महोत्सव पूरे शहर में एक ही दिन 02 नवंबर को ही मनाया जाएगा।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति