यौन शोषण करने वाले पादरी की हरकत महाधर्मप्रांत को भारी पड़ी, 880 मिलियन डॉलर के भुगतान

लॉस एंजिल्स
संयुक्त राज्य अमेरिका में सैकड़ों लोगों का बचपन में यौन शोषण करने वाले कैथोलिक पादरी की शर्मनाक हरकत देश की सबसे बड़ी लॉस एंजिल्स की महाधर्मप्रांत को भारी पड़ी है। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार महाधर्मप्रांत ने ऐसे 1,353 लोगों को 880 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमत हो गई है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, यह किसी महाधर्मप्रांत का सबसे अधिक भुगतान है। लॉस एंजिल्स में यौन शोषण के मामलों की संचयी कुल राशि 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक है। 880 मिलियन डॉलर का भुगतान करने करने के समझौते की घोषणा  वादी पक्ष और महाधर्मप्रांत के वकीलों ने संयुक्त बयान में की। आर्कबिशप जोस एच. गोमेज ने बयान में कहा कि वह हर एक घटना के लिए लोगों से माफी चाहते हैं। आशा है यह समझौता सताए गए इन पुरुषों और महिलाओं की पीड़ा को कुछ कम करेगा। बिशपअकाउंटेबिलिटी.ओआरजी के अध्यक्ष टेरेंस मैककिर्नन ने कहा कि सबसे पहले 2007 में 508 लोगों के मुकदमों में 660 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति हुई थी। तब से एक निगरानी समूह पादरियों के दुर्व्यवहार की रिपोर्टों पर नजर रखता है।

 

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति