सभी सरकारी अस्पतालों में क्रोनिक किडनी रोगियों के लिए निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध रहेगी: मुख्यमंत्री

चंडीगढ़़
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आज नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के सीएम का पदभार ग्रहर कर लिया। इस दौरान  सीएम नायब सैनी ने ट्वीट कर लिखा "हरियाणा प्रदेश के अपने 2.80 करोड़ परिवारजनों की अनथक सेवा का व्रत लेकर प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। मैं भावुक और नतमस्तक हूं। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का संकल्प सर्वोपरि है। हरियाणा प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ,समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी पूर्ण बहुमत की ये सरकार सेवा, सुशासन,समानता,समृद्धि और गरीब कल्याण के लिए समर्पित होगी।" इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सभी मंडियों को उनके कमरे में बैठाया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह का पहला बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कार्यभार संभालते ही पहला बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में क्रोनिक किडनी रोगियों के लिए निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध रहेगी। भविष्य में सभी मेडिकल कॉलेज में भी निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जाएगी। कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि कैबिनेट मीटिंग में हमने अनुसूचित जाति के वर्गीकरण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का फैसला लिया है। हमने फैसला किया है कि हम एससी के वर्गीकरण के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा है, उसे लागू करेंगे।

अपराधियों को सीएम की चेतावनी
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार नारी शक्ति को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने उन लोगों को चेतावनी देते हुआ कहा जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं या तो राज्य छोड़ दें या फिर सुधर जाएं। नहीं तो हम सुधार करेंगे।

‘जनता ने कांग्रेस के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने घोषणापत्र में वादा किया था कि हम किडनी के मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराएंगे। हमने उससे संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हरियाणा सरकार किडनी डायलिसिस का खर्च वहन करेगी। मैं हरियाणा की जनता को तीसरी बार भारी जनादेश देने और पीएम मोदी की नीतियों को मंजूरी देने के लिए धन्यवाद देता हूं। हरियाणा की जनता ने विपक्ष के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया। कांग्रेस ने किसानों को भड़काने की कोशिश की। उन्होंने युवाओं में संदेह पैदा किया। उन्होंने हरियाणा के एथलीटों का इस्तेमाल किया। एथलीट हमारे देश का गौरव हैं। पीएम मोदी ने पिछले 10 सालों में किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। हरियाणा की जनता ने पीएम मोदी की नीतियों को मंजूरी दी है और कांग्रेस के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया है।

हरियाणा के मंत्रियों को सचिवालय में कमरे अलॉट
हरियाणा के मंत्रियों को सचिवालय में कमरे अलॉट कर दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री आरती राव को कमरा नंबर 43सी मिला है। रणबीर गंगवा को कमरा नंबर 43ए मिला है। राव नरबीर को कमरा नंबर 39 मिला है। कृष्ण लाल पंवार को कमरा नंबर 34 मिला है। अनिल विज को कमरा नंबर 32 यानी पुराना कमरा ही मिला है। कृष्ण बेदी को कमरा नंबर 24 मिला है। श्रुति चौधरी को कमरा नंबर 31 मिला है। विपुल गोयल को कमरा नंबर 49 मिला है। श्याम सिंह राणा कमरा नंबर 47 मिला है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति