थाना कोतवाली पुलिस टीकमगढ़ ने अवैध 20 क्विंटल नकली मावा पकड़ा

टीकमगढ़
आगामी त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़  मनोहर सिंह मंडलोई ने सभी थाना/चौकी प्रभारियों को सघन चैंकिंग करने हेतु निर्देशित किया गया है। इसी तारतम्य में  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  सीताराम, एसडीओपी टीकमगढ़  राहुल कटरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली पंकज शर्मा के द्वारा मुखबिर की सूचना पर ओरछा ट्रेवल्स की यात्री बस क्रमांक MP15 PA 0775 से  20 क्विंटल नकली मावा परिवहन करते हुए पकड़ा एवं मौके पर फूड़ इंस्पेक्टर मनीष जैन को बुलाकर कार्यवाही की गई।

उपरोक्त कार्यवाही में प्रधान आरक्षक सतीश शर्मा, प्रधान आरक्षक रतिराम, आरक्षक गजेन्द्र, आरक्षक रिषि, आरक्षक पुष्पराज, आरक्षक अजय की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति