दुबई से राजस्थान-जयपुर आ रहे 189 यात्रियों से भरे एयर इंडिया के विमान को धमकी

जयपुर.

जयपुर हवाई अड्डे पर एक बार फिर से विमान में बम की धमकी के बाद आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। शुक्रवार रात को एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 196 का यह मामला है। जब दुबई से रात 12:45 बजे जयपुर आने वाले विमान को फुल इमरजेंसी में लैंडिंग करवाई गई।

दुबई से रात 12:45 बजे जयपुर आने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट में बम की धमकी के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया। यह विमान रात 1:20 बजे दुबई से जयपुर पहुंचा। जहां इसकी फुल इमरजेंसी में लैंडिंग करवाई गई। विमान में कुल 189 यात्री सवार थे। लैंडिंग के बाद सुरक्षा बलों ने गहनता से विमान की जांच की। हालांकि जांच के दौरान विमान की गहनता से तलाशी करने पर कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। बता दें कि कुछ दिनों से जयपुर एयरपोर्ट पर आने वाली उड़ानों में लगातार विस्फोटक होने की धमकियां मिल रही है। कुछ दिनों पहले 15 अक्टूबर को भी जयपुर से जुड़ी दो उड़ानों समेत देश भर में 5 फ्लाइट्स में बम थ्रेट मिला था। जिसमें सोशल मीडिया के जरिए फ्लाइट में बम होने की थ्रेट दी गई थी।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति