वेब एप्लिकेशन से डिजिटल गवर्नेंस को मिल रही मजबूती

बिलासपुर.
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), प्रोजेक्ट डिजिकोल के तहत भूमि अधिग्रहण और प्रबंधन प्रणाली के सफल कार्यान्वयन के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफोरमेशन को बढ़ावा दे रही है। इस पहल से भारत सरकार के विशेष अभियान 4.0 के तहत डिजिटलीकरण और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और कुशल डिजिटल प्रणाली में बदलने के लिए भूमि अधिग्रहण और प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है, जिसमें एंड-टू-एंड वर्कफ्लो प्रबंधन और भूमि मालिकों के दावों का तेजी से निपटान शामिल है। यह प्रणाली विशेष अभियान 4.0 के मुख्य उद्देश्यों को पूरा करती है, जिसमें संचालन को सरल बनाना और पारदर्शिता बढ़ाना शामिल है।

विशेष अभियान 4.0 के तहत डिजिटलीकरण और सरलीकरण को मिल रहा बढ़ावा भूमि अधिग्रहण और प्रबंधन प्रणाली का प्रयोग विशेष अभियान 4.0 के डिजिटलीकरण अभियान के साथ संरेखित है, जिसमें भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना, प्रक्रियाओं को स्वचालित करना और महत्वपूर्ण भूमि संबंधी आंकड़ों की रीयल-टाइम उपलब्धता शामिल है। इससे कागजी कार्रवाई की आवश्यकता समाप्त हो जाती है, त्रुटियों और देरी को कम करते हुए प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बढ़ जाती है।

भूमि अधिग्रहण और प्रबंधन प्रणाली की मुख्य विशेषताएं

  • भूमि पार्सल सीमाओं का दृश्यीकरण
  • भूमि मूल्यांकन
  • डेटा विश्लेषण रिपोर्ट डैशबोर्ड
  • विवाद और भूमि पट्टा प्रबंधन
  • अतिक्रमण का पता लगाना और ट्रैकिंग
  • यह प्रणाली भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और कुशल बनाने में मदद करती है, जिससे विशेष अभियान 4.0 के उद्देश्यों को पूरा करने में सहायता मिलती है। एसईसीएल के वेब एप्लिकेशन से डिजिटल गवर्नेंस को मिल रही मजबूती भूमि अधिग्रहण के अलावा, एसईसीएल कई इन-हाउस वेब एप्लिकेशन विकसित करके प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास कर रहा है।
  • सीएसआर ऐप: एसईसीएल की कॉपोर्रेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) परियोजनाओं को ट्रैक करने के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करता है।
  • चिरायु ऐप: एसईसीएल कर्मचारियों के लिए एक स्वास्थ्य ऐप, जो बाहरी अस्पतालों में आॅनलाइन रेफरल की सुविधा देता है।
  • विदिक ऐप: एक कानूनी मामलों की मॉनिटरिंग सिस्टम जो हितधारकों को एसईसीएल क्षेत्रों में लंबित और समाप्त कानूनी मामलों का जानकारी देता है।
  • पूर्ति पोर्टल: समाप्त टेंडरों, कार्य आदेशों और अनुबंधों के लिए एक आॅनलाइन स्रोत, जो एसईसीएल की खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
  • इन डिजिटल पहलों के साथ, एसईसीएल न केवल विशेष अभियान 4.0 के व्यापक लक्ष्यों के साथ संरेखित कर रहा है, बल्कि कोयला उद्योग में डिजिटल गर्व्हनस को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति