जिले में हुई ओलावृष्टि और वर्षा के साथ आए आंधी तूफान ने एक बार फिर केला उत्पादक किसानों को बड़ी क्षति पहुंचाई

बुरहानपुर
जिले में हुई ओलावृष्टि और वर्षा के साथ आए आंधी तूफान ने एक बार फिर केला उत्पादक किसानों को बड़ी क्षति पहुंचाई है। खकनार क्षेत्र में लगी कई हेक्टेयर की केला फसल खेतों में गिर गई है। जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आसपास वर्षा शुरू हुई थी, जो देर रात तक जारी रही। अधीक्षक भू अभिलेख के अनुसार बुरहानपुर में 8.4 मिलीमीटर और खकनार में चार मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। अब तक जिले में 891.4 मिमी वर्षा हो चुकी है। जिले के औसत वर्षा 823.6 मिमी है। बीते साल इसी अवधि तक 1076.2 मिमी वर्षा हुई थी।

किसानों ने बताया कि बारिश के कारण पहले खेतों की मिट्टी गीली हो गई और उसके बाद चली तेज हवा से केले के पौधों को जमींदोज कर दिया। इससे पहले भी वर्षा के कारण फसल को नुकसान हुआ था। वर्षा काल की विदाई होने के बाद किसानों को असमय वर्षा के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सोयाबीन व कपास को भी नुकसान
इससे पहले बीते सप्ताह भी जिले में हल्की वर्षा हुई थी, जिससे खेतों में रखी सोयाबीन व कपास फसल को नुकसान हुआ था। तब हवा नहीं चलने के कारण केला फसल बच गई थी। सोयाबीन की खरीदी के लिए जिले में दस केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन आर्द्रता ज्यादा होने और दाना काला पड़ जाने से किसानों को इस बार दाम कम मिलने की आशंका है। उप संचालक कृषि एमएस देवके के अनुसार गांवों में चौपाल लगा कर किसानों को सोयाबीन खरीदी के संबंध में जारी निर्देशों की जानकारी दी जा रही है। जिससे उन्हें खरीदी केंद्रों से वापस नहीं लौटना पड़े।

अब तक शुरू नहीं हुआ सर्वे कार्य
सोयाबीन, कपास और मक्का के बाद केला फसल को हुए नुकसान का अब तक जिला प्रशासन ने सर्वे शुरू नहीं कराया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान बेहद कम हुआ है जबकि किसानों का कहना है कि बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ है।

विधायक ने खेतों में जाकर लिया जायजा
आंधी तूफान व ओलावृष्टि से फसलों के हुए नुकसान का शनिवार को नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। खकनार क्षेत्र के शेखापुर व आस-पास के गांवों में केला फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। विधायक मंजू दादू ने ग्राम शेखापुर, रंगई, निमंदड, मोहनगढ़ में प्रभावित हुई फसलों का जायजा लिया। उन्होंने कलेक्टर भव्या मित्तल सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से चर्चा के साथ मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को भी अवगत करा मुआवजे की मांग की है।

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