कर्मचारियों की मांग पर तमिलनाडु में दिवाली के एक दिन बाद छुट्टी होगी

चेन्नई
रोशनी का त्योहार दीपावली 31 अक्टूबर को है, और इस दिन गुरुवार है और अगले दिन शुक्रवार को कार्य दिवस है और उसके बाद सप्ताहांत की छुट्टियां हैं।
इस अवसर को मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मूल स्थानों पर जाकर उत्सव की योजना बनाई है।
चूंकि, उन्हें अगले दिन काम पर लौटना होता है, इसलिए उन्होंने राज्य सरकार से दीपावली के अगले दिन एक नवंबर को छुट्टी घोषित करने की अपील की है, ताकि सप्ताहांत में उत्सव को बढ़ाया जा सके।
राज्य सरकार ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों द्वारा व्यक्त की गई इच्छाओं के सम्मान में, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अलावा सभी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जिससे अपने परिवारों के साथ रोशनी का त्योहार मनाया जा सके।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसकी भरपाई के लिए सरकार ने आदेश दिया है कि 9 नवंबर, शनिवार को कार्य दिवस होगा।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति