बराक ओबामा ने कहा- कमला हैरिस और टिम वॉल्ज लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध

वाशिंगटन
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की गहमागहमी के बीच यहां डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन की दूसरी रात पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कमला हैरिस का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने हैरिस को अमेरिका का अगला राष्ट्रपति बताया। ओबामा ने कहा कि हमारे पास ऐसे शख्स को चुनने का मौका है, जिसने अपनी पूरी जिंदगी लोगों को वो मौके देने की कोशिश में लगा दिए जो मौके अमेरिका ने उनको दिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार बनने का सम्मान हासिल किए हुए मुझे 16 साल हो गए हैं। इतने सालों बाद मैं बिना किसी हिचक कह सकता हूं कि आपका दोस्त होना मेरा सबसे बेहतरीन फैसला था।

बराक ओबामा ने कहा कि हैरिस पांच नवंबर को इतिहास रचेंगी। वह अश्वेत और दक्षिण एशियाई मूल की पहली अमेरिकी राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। हमने मशाल हैरिस को सौंप दी है। लेकिन अभी डेमोक्रेट्स का काम खत्म नहीं हुआ है। ओबामा ने कहा कि कमला हैरिस और टिम वॉल्ज ऐसे नेता हैं, जो लोगों की भलाई से जुड़े काम को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन को बराक के अलावा मिशेल ओबामा ने भी संबोधित किया। दोनों ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखे हमले किए। मिशेल ने राष्ट्र से ट्रंप की विभाजनकारी राजनीति को अस्वीकार करने का आह्वान किया। इससे पहले कन्वेंशन के पहले दिन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्रंप पर जमकर निशाना साधा था।

उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप जब अमेरिका के बारे में बात करते हैं कि अमेरिका बिखरता हुआ देश है, तो उस संदेश के बारे में सोचें, जो दुनिया को जाता है। डोनाल्ड के पिछले कार्यकाल की तुलना में अमेरिका अब अधिक समृद्ध और सुरक्षित है। ट्रंप, पुतिन के सामने झुक गए। मैं और कमला हैरिस कभी ऐसा नहीं करते।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति