ध्विनि प्रदूषण को लेकर हस्तक्षेप याचिका, शकायत के लिए आनलाइन पोर्टल बनाने की मांग रखी

रायपुर

ध्वनि प्रदूषण को लेकर लगातार शिकायतों के बाद भी कोई गंभीर कार्रवाई नहीं हो रही है। मजबूरन कोर्ट के शरण में जाना पड़ रहा है,अब केवल न्यायपालिका पर ही भरोसा रह गया है। इसलिए सामाजिक कार्यकर्ता राकेश चौबे ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में ध्वनि प्रदूषण मामले पर एक हस्तक्षेप याचिका चीफ जस्टिस रमेश सिंन्हा के बेंच में दायर किया है, जिसें माननीय बेंच ने हस्तक्षेप एप्लीकेशन के रूप में स्वीकार कर लिया है।

श्री चौबे ने बता कि उन्होंने वर्तमान में डीजे और ध्वनि प्रदूषण को लेकर मुख्य सचिव,छत्तीसगढ़ शासन,छत्तीसगढ़ पर्यावरण विभाग के सचिव,छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल सदस्य सचिव एवं कलेक्टर रायपुर को लिखित शिकायत करते हुए अवगत कराया था कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना हो रही है।

इस विषय को लेकर एक याचिका माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर की जिसे कोर्ट ने स्वीकार लिया है और इस पर अगली सुनवाई 28 .10 .2024 को होगी। पूर्व में एक पिटीशन नागरिक संघर्ष समिति के डॉक्टर राकेश गुप्ता ने भी फाइल की थी इस याचिका पर उन्होने हस्तक्षेप याचिका अपने एडवोकेट हिमांशु रस्तोगी के मार्फत से लगायी है और यह भी मांग की है कि दिल्ली की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य में भी शिकायत के लिए एक आनलाइन पोर्टल बनायी जाए। क्योंकि और भी राज्यों में इस तरह की व्यवस्थाएं हैं ,जिसे पिटीशन के मार्फत माननीय न्यायालय के सम्मुख रखा है। छत्तीसगढ़ में ध्वनि प्रदूषण को लेकर लगातार शिकायतें  राज्य सरकार के पास भी पहुंच रही है,मगर कोई ठोस व गंभीर कार्रवाई नहीं होने से ऐसे तत्वों के हौसले बढ़े हुए हैं। आखिरकार न्यायालय जाना पड़ा और उन्हे पूर्ण विश्वास है कि न्यायालय के हस्तक्षेप से ही ठोस कार्रवाई होगी।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति