बोमन ईरानी ने ‘द मेहता बॉयज़’ के लिए इफ्सा टोरंटो में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता

मुंबई,

बॉलीवुड के जानेमाने चरित्र अभिनेता बोमन ईरानी ने 'द मेहता बॉयज़' के लिए प्रतिष्ठित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिबल ऑफ साउथ एशिया (इफ्सा) टोरंटो सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता है। बोमन ईरानी ने अपने निर्देशन की पहली फिल्म 'द मेहता बॉयज़' के लिए लगातार दो पुरस्कार जीते हैं। उन्हें इस फिल्म में उनके बेहतरीन काम के लिए इफ्सा टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया गया है।

द मेहता बॉयज़ को अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज़ किया जाएगा। कहानी एक पिता और बेटे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक-दूसरे से 48 घंटे तक एक-दूसरे के साथ रहने को मजबूर हैं। द मेहता बॉयज़ में बोमन ईरानी, अविनाश तिवारी और श्रेया चौधरी मुख्य भूमिका में हैं और यह बोमन ईरानी और ऑस्कर विजेता लेखक एलेक्स दिनलेरिस द्वारा सह-लिखित है तथा ईरानी मूवीटोन के दानेश ईरानी और चकबोल्ड लिमिटेड की अनिकता बत्रा ने इसे निर्मित किया है।

 

  • admin

    Related Posts

    कभी मां के साथ बासी खाना खाने वाली भारती सिंह आज नैनी को देती हैं महंगे तोहफे

    मुंबई भारती सिंह का एक प्यारा सा वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर खूब सुर्खियों में है। इस वीडियो में वो अपने बच्चों की नैनी रूपा दी को उनके बर्थडे पर…

    ऋचा चड्ढा नॉन-फिक्शन ट्रैवल और कल्चर सीरीज़ को करेंगी प्रोड्यूस

      मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता ऋचा चड्ढा एक नए और रोमांचक प्रोजेक्ट के साथ अपनी क्रिएटिव दुनिया को आगे बढ़ा रही हैं। ऋचा चड्ढा एक नॉन-फिक्शन सीरीज़ को प्रोड्यूस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति