पूर्व मंत्री सोहन ठंडल ने छोड़ा अकाली दल का दामन, भाजपा में हुए शामिल

होशियारपुर

पंजाब के शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सोहन सिंह ठंडल आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। माहिलपुर और चब्बेवाल विधानसभा क्षेत्रों से चार बार विधायक रह चुके ठंडल का भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी होशियारपुर पहुंचे। ठंडल के भाजपा में शामिल होने की औपचारिक घोषणा के लिए होशियारपुर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। ठंडल के भाजपा में आने से पार्टी को पंजाब में आगामी चुनावों के मद्देनज़र एक सशक्त नेता के रूप में मजबूती मिली है।

ठंडल को प्रत्याशी बनाए जाने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अभी तो उन्होंने पार्टी ज्वाइन करी है और प्रत्याशी का चुनाव व घोषणा तो दिल्ली से होगी। उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय चुनाव समिति को के संबंध में निवेदन करेंगे। हालांकि अंतिम फैसला समिति ही करेगी।

पैराशूट से प्रत्याशी उतारे जाने को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं व पार्टी पर पड़ने वाले असर के बारे में उन्होंने कहा कि जो भी फैसला होगा वह सबसे सलाह के साथ ही लिया जाएगा। इस बारे में

सभी के साथ चर्चा की गई है। शाम तक प्रत्याशी को लेकर फैसला हो जाएगा।

ठंडल ने भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी लीडरशिप का धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने चाहे पहले शिरोमणि अकाली दल में काम किया है, लेकिन तभी भाजपा उनके साथ सहयोगी थी। उन्हें खुशी है कि उन्हें भाजपा में काम करने का मौका मिल रहा है। प्रदेश और पंजाब के हित में काम करेंगे। इस दौरान पूर्व एक्साइज कमिश्नर अवतार सिंह कंग भी भाजपा शामिल हुए।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति