11kV वोल्टेज, बिजली तार टूट हाथियों पर गिरा, तीन हाथियों की मौत

रायगढ़

रायगढ़ जिले के दो वन मंडल में 140 हाथी का दल क्षेत्र में विचरण कर रहा है, सबसे अधिक धरमजयगढ़ क्षेत्र में है। यह हाथी अलग —अलग झुंड में है। इसमें 72 मादा, 34 बच्चे व नर है। संभवतः प्रदेश का सबसे बड़ा हाथी रायगढ़ जिले में है।

अचानक टूट कर गिरा 11 केवी बिजली तार टूट जाने के कारण करंट की चपेट में आने से तीन हाथियों की मौत, हादसे की जानकारी मिलते ही वन अमला मौके पर मौजूदआगे कि कार्यवाही में जुटा। टूटा हुआ तार जंगल मे जमीन में गिरते ही जलने के निशान भी मौके पर मौजूद है।naidunia_imageटूटा हुआ तार जंगल मे जमीन में गिरते ही जलने के निशान भी मौके पर मौजूद है। 1 शवक ,1 मादा , 1 युवा , 1 बच्चा तमनार वन परिक्षेत्र के सामारुमा कम्पाटमेंट 856 पीएफ, घरघोड़ा उप वन मंडल चुहकीमार जंगल की घटना, रायगढ़ धरमजयगढ़ दोनो वन मंडल के आलाधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद है।

इसी प्रकार की घटना रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र सामारूमा कंपार्टमेंट चुहकीमार में करंट की चपेट में आकर तीन हाथियों के दर्दनाक मौत होने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। तीनों शव एक दुसरे के इर्दगिर्द में मृत अवस्था में मिली। तमनार वन परिक्षेत्र के सामारुमा कम्पाटमेंट 856 पीएफ, घरघोड़ा उप वन मंडल चुहकीमार जंगल में सनसनीखेज घटना सामने आया है। जिसमें 11 केवी धारा प्रवाहित करंट की चपेट में आने से एक हाथी का बच्चा, 1 मादा एवं एक युवा हाथी दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे की जानकारी तड़के सुबह जब ग्रामीण जन जंगल की ओर गए तब उन्हें हाथी एक दूसरे के इर्दगिर्द में मृत अवस्था मे मिले ।

3 हाथियों के मृत होने की सूचना जंगल मे आग की तरह फैल गई। बड़ी संख्या ग्रामीण मौके पर आ गए। वहीं स्थानीय लोगो ने इसकी सूचना वन विभाग को दिए। ततपश्चात मौके पर रायगढ़ तथा वन मंडल धर्मजयगढ़ के अधिकारियों का दल पहुच कर कानूनी कार्रवाई को पूरा करने में जुट गए है। प्रथम दृष्टया में वन विभाग, बिजली कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगा रही है, बताया जा रहा है। इधर धारा प्रवाहित टूटा तार जंगल मे जमीन में गिरते ही घास- फूंस जलने के निशान भी मौके पर मौजूद है।

देखा जाए तो रायगढ़ जिले के दो वन मंडल में 140 हाथी का दल क्षेत्र में विचरण कर रहा है, सबसे अधिक धरमजयगढ़ क्षेत्र में है। यह हाथी अलग —अलग झुंड में है। इसमें 72 मादा, 34 बच्चे व नर है।यह प्रदेश का सबसे बड़ा हाथी दल रायगढ़ जिले में है।

हाथियों का एक बडा दल का वीडियो सामने आया
रायगढ़ जिले के जंगलों में इन दिनों सैकड़ो की संख्या में जंगली हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। झगरपुर जंगल से लारीपानी जंगल की तरफ हाथियों का एक बडा दल जाने का वीडियो सामने आया है। हाथियों के दल को देखते हुए अपनी फसल को बचाने गांव के ग्रामीण एकजुट होकर हो हल्ला करते हुए उन्हें भगाने के प्रयास में जुटे रहे।

मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिले में इन दिनों फिर से जंगली हाथियों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। आये दिन हाथियों के वीडियो भी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आ रहे हैं। हाथियों का दल गांव के करीब पहुंचते ही ग्रामीणों में दहशत का माहौल निर्मित हो जाता है तो वहीं कुछ ग्रामीण अपनी बेशकीमती फसलों को हाथियों से बचाने एकजुट होकर उन्हें भगाने अलग-अलग के उपाये भी करते आ रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है जिसमें हाथियों के एक बड़े दल को गांव के ग्रामीण हो हल्ला करते हुए भगाते नजर आ रहे हैं।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति