गो फर्स्ट के पूर्व प्रबंध निदेशक के खिलाफ अदालत ने ‘डेटा चोरी’ के लिए एफआईआर खारिज की

मुंबई.
बंबई उच्च न्यायालय ने अब बंद हो चुकी घरेलू एयरलाइन गो फर्स्ट के पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) वोल्फगैंग प्रॉक-श्वाअर के खिलाफ दर्ज कथित डेटा चोरी के मामले को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ अपराध का कोई मामला नहीं बनता है।

न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने 23 अक्टूबर को अपने आदेश में कहा कि उनके खिलाफ कार्यवाही जारी रखना महज एक निरर्थक प्रक्रिया होगी। पीठ ने कहा कि शिकायत में प्रॉक-श्वाअर के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनाया गया है।

प्रॉक-श्वाअर ने गो एयरलाइंस इंडिया लिमिटेड की शिकायत के आधार पर एन एम जोशी मार्ग पुलिस द्वारा फरवरी, 2018 में उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 408 (संपत्ति के साथ आपराधिक विश्वासघात) और डेटा चोरी से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 43 (बी) और 66 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

  • admin

    Related Posts

    आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

    मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी…

    सारा खेल पलटा! भारत-EU डील ने अमेरिका की सोच पर डाला दबाव

     नई दिल्ली     भारत-EU डील अमेरिका के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह साफ संदेश देती है कि अब भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा. इसी कड़ी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति