एमपीपीएससी ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 घोषित कर दी, 16 फरवरी को होंगे पेपर

इंदौर
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 को लेकर घोषणा कर दी। आयोग ने 16 फरवरी को पेपर रखे है। अभी रिक्त पदों के बारे में संबंधित विभागों से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। यही वजह है कि आयोग ने खाली पदों का उल्लेख विज्ञापन में नहीं किया है। आयोग ने अगले सात दिनों के भीतर पदों के बारे में पोर्टल पर जानकारी देने की बात कहीं है। अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा में आवेदन की प्रक्रिया भी दीपावली बाद शुरू होगी।

राज्य सेवा परीक्षा 2022-2023 के साक्षात्कार की प्रक्रिया और राज्य सेवा परीक्षा 2024 का मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आना बाकी है। इस बीच आयोग ने अगली परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। जल्दबाजी में आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 की भले ही तारीख घोषित कर दी। मगर रिक्त पदों के बारे में अभ्यर्थियों को जानकारी नहीं दी। आयोग ने 16 फरवरी को दो सत्र में पेपर रखे हैं।

भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM इंदौर) ने वैश्विक शिक्षा के विस्तार को लेकर चीन और नार्वे की शैक्षणिक संस्थानों के बीच दो अनुबंध करार किए गए है। इसके माध्यम से इन संस्थानों में विद्यार्थी-फैकेल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जा सकेंगे। यहां तक कि संस्थानों में रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा।

खास बात यह है कि एमओयू के चलते संस्थान आपस में संसाधानों का आदान-प्रदान भी कर सकेंगे। नार्वे की क्रिस्टियानिया यूनिवर्सिटी काॅलेज और चीन में सूचो यूनिवर्सिटी के साथ ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए है। इंदौर और नार्वे की क्रिस्टियानिया यूनिवर्सिटी कॉलेज में अनुसंधान व कलात्म विकास पर अनुबंध हुआ है, जिसमें निदेशक प्रो. हिमांशु राय और डा. क्रिस्टी बाक ने हस्ताक्षर किए हैं।

नार्वे की क्रिस्टियानिया यूनिवर्सिटी कालेज नार्वे की स्थापना 1914 में हुई थी। यह 16 हजार से अधिक छात्रों के साथ अभ्यास-उन्मुख शिक्षण वातावरण प्रदान करता है और विपणन, प्रबंधन, रचनात्मकता और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर जोर देता है। डा बाक़ ने कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खोलती है। दोनों देशों की शैक्षणिक पद्धति और प्रणाली को समझा जा सकेंगे।

इसके माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकेगा। वे कहते है कि इसे इंडस्ट्री की जरूरत व आवश्यकताओं को समझकर पाठ्यक्रम में संशोधन करेंगे। प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ाएंगे।निदेशक प्रो. राय ने कहा कि सतत विकास और नवीन प्रथाओं में उनके अनुभवों से सीखने के लिए उत्सुक हैं, जो हमारी शैक्षिक पाठ्यक्रमों में भी योगदान देगा। वहीं ज्ञान साझा करने व्याख्यानों और संगोष्ठियां आयोजित होगी। वहीं दोनों संस्थान मिलकर पाठ्यक्रम बनाएंगे। साथ ही दोहरी डिग्री के अवसरों की खोज के माध्यम से शैक्षणिक अनुभवों को समृद्ध करेगा। दूसरे एमओयू पर सूचो यूनिवर्सिटी में बिजनेस स्कूल के डीन प्रो. बो फेंग ने हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि उनके मूल मूल्य- प्रामाणिकता, जवाबदेही, प्रशंसा और उन्नति- सामाजिक रूप से जागरूक और अभिनव व्यावसायिक लीडरों को तैयार कर सकेंगे। सहयोग ज्ञान के आदान-प्रदान और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के लिए मार्ग बनाकर हमारे छात्रों और शिक्षकों की शैक्षिक यात्रा को समृद्ध बनाएगा।

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