उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण शहर का मौसम फिर गर्म,ठंड बढ़ने के बजाए मध्य प्रदेश में पारा हुआ हाई

ग्वालियर
उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण शहर का मौसम फिर गर्म होने लगा है। गत बुधवार को जहां पारा 35 डिग्री सेल्सियस के नजदीक पहुंचा था, वह गुरुवार को 36 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। दोपहर के समय धूप में चुभन का अहसास हुआ और लोग पसीना-पसीना होते नजर आए। वहीं हवा में नमी कम होने के कारण रात के तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल वातावरण इसी प्रकार का बना रहेगा। दीपावली के बाद ही तापमान में गिरावट की संभावना है। आमतौर पर दीपावली तक सर्दी की दस्तक हो जाती है, लेकिन फिलहाल शहर में मौसम और अधिक गर्म होता दिख रहा है। गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप खिली हुई थी और सुबह साढ़े 11 बजे तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। शाम चार बजे तक धूप की तीव्रता बनी रही। जबकि शाम साढ़े पांच बजे भी तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा।

स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 36.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह औसत से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह औसत से 4.0 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय शहर के मौसम को प्रभावित करने वाला कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है। उत्तर-पश्चिम से शुष्क हवाएं आ रही हैं, इसलिए धूप में तेजी है। फिलहाल अधिकतम और न्यूनतम तापमान में ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। दो नवंबर के बाद से रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है।

सिद्धचक्र महामंडल विधान व विश्वशांति रथयात्रा आठ से
उप ग्वालियर लोहामंडी स्थित लाला गोकुलचंद जैसवाल दिगंबर जैन मदिर कमेटी के तत्वावधान में आठ नवंबर से 15 नवंबर तक विधानचार्य बाल ब्रह्मचारी अंशु कोलारस के मार्गादर्शन में सिद्धो की आराधना करने के लिए सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव एवं विश्वशांति यज्ञ व रथयात्रा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें प्रतिदिन धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। मीडिया प्रवक्ता सचिन जैन एवं मंदिर अध्यक्ष पदमचंद जैन ने बताया कि सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव शुभारंभ आठ नवंबर को सुबह 5.50 बजे से देव आज्ञा आचार्य निमंत्रण, तथा 7: 30 बजे से गाजेबाजे के साथ मंगल कलश, शोभायात्रा मुख्या मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल लोहमंडी जैन मंदिर पहुंचेगी।

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