बांग्लादेशी घुसपैठिये आपके मकान, दुकान, रोजगार और हक़ पर कब्ज़ा कर रहे – सीएम यादव

 भोपाल /रांची

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज झारखंड की राजधानी रांची की कांके विधानसभा पहुंचे, उन्होंने यहाँ आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड में हो रही घुसपैठ पर बड़ा हमला किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बांग्लादेशी घुसपैठिये आपके मकान, दुकान, रोजगार और हक़ पर कब्ज़ा कर रहे हैं और इसे झारखंड की सरकार संरक्षण दे रही है, इसे रोकना होगा।

कांके विधानसभा रांची पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का क्षेत्र के लोगों ने दिल से स्वागत किया,मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित जन समूह से कहा मैं बाबा महाकाल की धरती उज्जैन से आता हूँ यहाँ मुझे मालूम पड़ा है कि पहाड़ी बाबा भी महाकाल का ही रूप हैं मैं दोनों को प्रणाम करता हूँ, उन्होंने कहा कि ये जो झारखंड की सरकार है, कांग्रेस की सरकार है उसके पीछे कोई औ र्लोग हैं ये लोग केवल झूठ बोलते हैं।
ये चुनाव इस बात के लिए है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे?

घुसपैठ पर हमला करते हुए सीएम ने कहा मैं आपको डरा नहीं रहा लेकिन ये बात सही है ये चुनाव इस बात का है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे? होली दिवाली मना पाएंगे कि नहीं? क्योंकि घुसपैठ बहुत तेजी से हो रही है, उन्होंने कहाकि बांग्लादेश में हिन्दुओं का नर संहार हो रहा है लेकिन ये चुप है क्योंकि ये केवल कुर्सी चाहते है इसलिए ये षड्यंत्र कर रहे हैं।
ये घुसपैठिये आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट बन रहे हैं  

सीएम ने कहा मैं आबादी का रेशो देख रहा था यहाँ 7 प्रतिशत हिन्दू कम हुए है आदिवासी वर्ग जो कभी 41 प्रतिशत था आज 28 रह गया है, अरे जब आबादी बढ़ रही है तो ये लोग कम क्यों हो रहे हैं? वो इसलिए कि झारखंड सरकार घुसपैठ को शरण दे रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि ये घुसपैठिये आपके रोजगार पर, दुकान पर, मकान पर कब्ज़ा कर रहे हैं इतना ही नहीं ये आपका हक़ भी छीन रहे है ये घुसपैठ आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट पैदा कर रही है
डॉ मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के कर्मों के कारण जनता ने उन्हें लोकसभा चुनावों में सबक दिखाया है, जम्मू कश्मीर में 40 हजार हत्याओं का पाप कांग्रेस के सिर पर है, कांग्रेस के कर्मों के कारण जो हालत जम्मू कश्मीर में हुई है यदि रोका नहीं गया तो वो हालत झारखंड की भी होगी।
ये चुनाव ईमानदारों और बेईमानों के बीच है

मुख्यमंत्री ने कहा झारखंड के लिए भाजपा ने सोचा, बिहार के साथ जुड़कर यहाँ की प्रगति रुकी हुई थी अटल जी ने इसे अलग राज्य बनाया, यहाँ प्राकृतिक सुन्दरता बहुत, है अटल जी ने कहा था कि ये देश का नंबर एक राज्य होगा लेकिन अटल जी को क्या पता होगा कि यहाँ ऐसी सरकार आयेगी जो भ्रष्टाचारी होगी, इस सरकार में बैठे लोगों ने इतना भ्रष्टाचार किया है कि यदि सौ सौ के नोट हो तो एक रेल गाड़ी भर जाएगी, इसलिए समझिये ये चुनाव ईमानदारी और बेईमानी के बीच है, बेईमानों का आपको बाहर का रास्ता दिखाना है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति