राजस्थान-टोंक की ‘देवली को चारागाह भूमि नहीं बनने दूंगा’: नरेश मीणा

टोंक/जयपुर.

देवली विधानसभा सीट से कांग्रेस के बागी उम्मीदवार नरेश मीणा ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान के चाहने के बावजूद भी मेरा टिकट हरीश मीणा के कहने पर काटा गया। मैंने कभी भी पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाया। मैंने हमेशा पार्टी को समृद्ध करने का काम किया, जिसका मुझे यह परिणाम दिया गया।

नरेश मीणा ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भी मैंने टिकट मांगा था, पर यह कहा गया कि लोकसभा चुनाव में आपको एडजस्ट करेंगे। मैंने पार्टी की बात मानी और पूरे मन और लगन के साथ विधानसभा चुनाव में पार्टी के साथ दिया। परंतु लोकसभा चुनाव में भी मुझे सिर्फ दिलासा देकर साइड में बैठा दिया गया। मैंने उस वक्त भी पार्टी का साथ दिया परंतु आज एक बार फिर जब उपचुनाव में मौका मिला तो पार्टी के कुछ चुनिंदा नेताओं की पर्सनल रंजिश के चलते मुझे टिकट नहीं मिला, जिसका मुझे अफसोस है। परंतु मुझे पता है अशोक गहलोत, सचिन पायलट और भंवर जितेंद्र सिंह ने मेरी खूब जमकर पैरवी की थी, सचिन पायलट मेरे नेता हैं और रहेंगे।

आप बीजेपी की सेकेंड टीम बनकर काम कर रहे हो?
इस सवाल का जवाब देते हुए नरेश मीणा ने कहा कि आज देवली उनियारा में सिर्फ दो ही लोगों के बीच में मुकाबला है निर्दलीय नरेश मीणा और भारतीय जनता पार्टी के राजेंद्र गुर्जर। अगर मैं भाजपा की टीम बनकर काम कर रहा होता तो यह मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच में हो रहा होता। निर्दलीय नरेश मीणा और भाजपा के बीच में नहीं। नरेश मीणा ने आगे कहा, कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी सिर्फ उन्हीं पर अपना विश्वास दिखाया है, जिन्होंने पार्टी को धोखा दिया। भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले राजेंद्र गुर्जर 2023 विधानसभा चुनाव में विजय बैसला को हराने वाले मुख्य किरदारों में एक थे। देवली उनियारा में भाजपा का नेतृत्व संभालने वाले नेता प्रभुलाल सैनी हुआ करते थे, उनके टिकट को काटकर उन्हें दरकिनार कर दिया गया। गुर्जर समाज को देश में एक मुकाम तक पहुंचने वाले कर्नल किरोड़ी लाल बैसला के बेटे विजय बैसला को एक तरफ बैठा दिया गया और उन नेताओं को मैदान में उतार दिया गया, जिन्होंने कभी पार्टी के लिए संघर्ष नहीं किया। इसीलिए नरेश मीणा निर्दलीय चुनाव लड़ रहा है और नरेश मीणा यह वादा देवली उनियारा की जनता से करता है कि इस जगह को चारागाह भूमि नहीं बनने देगा। जो कोई भी बाहर से आए चुनाव लड़े और चला जाए। नरेश मीणा चार साल में यहां इतने नरेश मीणा पैदा कर देगा कि देवली उनियारा को बाहर के उम्मीदवारों की जरूरत नहीं पड़ेगी।

राजस्थान की राजनीति का स्वरूप बदल रहा
रविंद्र सिंह भाटी, हनुमान बेनीवाल और राजकुमार रोत के विषय में नरेश मीणा ने कहा कि यह सब छात्र राजनीति से निकले हुए नेता हैं। जो आज वटवृक्ष का रूप धारण कर रहे हैं। कब तक युवा नेता इन पार्टियों और नेताओं के चक्कर में पिसते रहेंगे। अब समय आ गया है कि राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। हम 2011 में भी यह कर चुके हैं और अब राजस्थान की राजनीति में भी इसकी सख्त आवश्यकता है। राजस्थान की राजनीति का स्वरूप बदलने जा रहा है, नरेश मीणा ने कहा, मेरी गाड़ियों पर सिर्फ भगत सिंह की फोटो है। मेरी फोटो नहीं है और सिर्फ इंकलाब जिंदाबाद का नारा लिखा है। यह स्पष्ट करता है कि युवा हमारे साथ हैं और हम राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदलने जा रहे हैं।

मीणा वोटर के बीच में कन्फ्यूजन की स्थिति है?
नरेश मीणा बोले, मीणा वोटरों के बीच में किसी प्रकार का कोई कंफ्यूजन नहीं है। मीणा वोटर बंटेगा नहीं, 100 में से 95 परसेंट मीना वोटर नरेश मीणा को वोट करेगा। मेरे साथ कांग्रेस के कई सरपंच जुड़ चुके हैं, जो मेरा समर्थन कर रहे हैं और आगे भी लोग जुड़ते जा रहे हैं। जो मेरा समर्थन करेंगे। मीणा वोट नहीं बंटेगा, मीणा वोट सिर्फ एक ही जगह जाएगा नरेश मीणा को।

देवली उनियारा की समस्याओं का क्या होगा?
सवाल का जवाब देते हुए नरेश मीणा ने कहा कि यहां की सबसे बड़ी समस्या पीने का पानी है। यह वह जगह है, जो प्रदेश की राजधानी जयपुर की प्यास बुझाता है। लेकिन यहां के लोगों को पीने के लिए मीठा पानी नहीं मिल पाता। मेरी पहली प्राथमिकता वह मीठा पानी होगा, जो यहां के लोगों का अधिकार है। मेरी दूसरी प्राथमिकता यहां की बजरी पूरे देश के काम आ रही है, उसे बजरी पर पहला अधिकार यहां के लोगों का है। मेरा तीसरा काम डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों को पट्टा मिलना चाहिए, यह मेरी प्राथमिकता रहेगी।

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