भारतीय सड़क कांग्रेस अधिवेशन की तैयारियां जोर-शोर से, सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी होंगे शामिल

रायपुर

राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में 8 से 11 नवंबर तक होने वाले भारतीय सड़क कांग्रेस अधिवेशन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन का उद्घाटन सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। यह अधिवेशन सड़क निर्माण के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, नीतियों और प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें भारत के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी होगी।

अधिवेशन में श्रीलंका, बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर के निर्माण विशेषज्ञ और वैज्ञानिक शामिल होंगे। इन विशेषज्ञों के अनुभव और ज्ञान का लाभ उठाकर, भारत में सड़क निर्माण की चुनौतियों और अवसरों पर गहन चर्चा की जाएगी। चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में, यह तय किया जाएगा कि विभिन्न राज्यों में किस प्रकार की तकनीकें अपनाई जाएं, जिससे सड़कें अधिक मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित बनाई जा सकें।

अधिवेशन के लिए लगाए जाएंगे 129 स्टाल

साइंस कॉलेज मैदान में अधिवेशन के लिए 129 स्टाल लगाए जाएंगे। इन स्टालों के लिए विशेष रूप से बड़े डोम बनाए जा रहे हैं, जहां सड़क, पाथ-वे, और डिवाइडर के डिजाइन के साथ विभिन्न उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य लोगों को सड़क निर्माण की नवीनतम तकनीकों और प्रगति से अवगत कराना है। उपस्थित लोग इन स्टालों पर जाकर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और सड़क निर्माण के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का अनुभव कर सकेंगे।

अधिवेशन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इस अधिवेशन का आयोजन प्रदेश में पहली बार हो रहा है, जिसके लिए तैयारियां तेजी से जारी हैं। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए हैं। इस अवसर पर न केवल सड़क निर्माण से संबंधित जानकारियों का आदान-प्रदान होगा, बल्कि यह अवसर विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के साथ विचारों का साझा करने का भी होगा।

कुल मिलाकर, भारतीय सड़क कांग्रेस अधिवेशन सड़क निर्माण के क्षेत्र में एक नई दिशा देने का प्रयास करेगा, जो कि न केवल भारत की सड़क संरचना को मजबूत बनाएगा, बल्कि भविष्य में सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता को भी सुनिश्चित करेगा। यह अधिवेशन सभी भागीदारों के लिए एक मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपने विचार साझा कर सकेंगे और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

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