बेंगलुरु: शाहूनगर में उपद्रवियों ने औरंगजेब के पोस्टर लगाये जाने के बाद तनाव फैला

 बेंगलुरु

बेंगलुरु में कुछ शरारती तत्वों ने सड़क पर क्रूर मुगल शासक औरंगजेब के पोस्टर लगा दिए. औरंगजेब की तस्वीर के साथ लिखा था- 'अखंड भारत का असली संस्थापक'. बेलगावी में लगे इन पोस्टर्स की वजह से इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया. स्थानीय विरोध के बीच पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैनर को हटा दिया है.

स्थानीय लोगों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग

बेलगावी के शाहूनगर इलाके में रविवार रात उपद्रवियों द्वारा औरंगजेब के पोस्टर लगाए जाने के बाद तनाव फैल गया. इससे लोगों में आक्रोश है. स्थानीय निवासियों ने बैनर को उकसाने की कोशिश के रूप में देखते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की. पोस्टर में औरंगजेब की तस्वीर के साथ उसे 'सुल्तान-ए-हिंद फाउंडर ऑफ अखंड भारत' बताया गया है.

सोशल मीडिया पर शेयर की भड़काऊ पोस्ट

फिलहाल पुलिस ने पोस्टर को हटा दिया है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. हालांकि, बाद में दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया कि औरंगजेब का पोस्टर क्यों हटा दिया गया, जबकि वीर सावरकर का पोस्टर लगा रहा.

उन्होंने धमकी दी कि वे अपने पोस्टर का हटाया जाना बर्दाश्त नहीं करेंगे. अधिकारियों पर अब ऑनलाइन भड़काऊ बयान देने वालों और सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव है.

'सब कुछ कंट्रोल में है'

डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर, बेलगावी ने कहा, '3 नवंबर को औरंगजेब का जन्मदिन था. कुछ लोगों ने बिना अनुमति के सार्वजनिक संपत्ति पर उसके पोस्टर लगा दिए. कॉर्पोरेशन ने उन्हें हटा दिया है. हमने एक पुलिस रिपोर्ट (पीआर) दर्ज की है और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी एक कैंपेन चलाया जा रहा है और सब कुछ नियंत्रण में है.'

 

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