जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा- जातियों में ना बंटने की अपील करते हुए जनता से अपनी ताकत का अहसास कराए

झारखंड
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को झारखंड में ताबड़तोड़ रैलियां कीं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदावरों के लिए वोट मांगा। बरकागांव विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने जातियों में ना बंटने की अपील करते हुए जनता से अपनी ताकत का अहसास कराने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर पत्थरबाज झाड़ू लगाते हुए दिखाई देंगे। यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में जिस तरह डेमोग्राफी बदली जा रही है, आने वाले समय में लोग अपने घर में शंख और घंटी नहीं बजा पाएंगे।

योगी ने कहा कि पत्थरबाज पहले कश्मीर में भी थे। याद करना आज सभी पत्थरबाज राम नाम सत्य है की यात्रा में जा चुके हैं। 2017 के पहले ये यूपी में भी थे। इनका आका उत्तर प्रदेश को लूटते थे, कोई खनन माफिया के रूप में कोई भूमाफिया के रूप में, कोई संगठित माफिया के रूप में लूट मचाते थे। ये पर्व त्योहारों में विघ्न-बाधा डालते थे। पत्थरबाज या तो यूपी छोड़ चुके हैं या जहन्नुम की यात्रा चुके हैं। अन्याय और अत्याचार को जन्नत कहां मिलेगा, उसके लिए तो जहन्नुम की यात्रा ही होनी है। अब उत्तर प्रदेश में पर्व त्योहार में कोई विघ्न बाधा नहीं होती है।

योगी ने कहा, 'ताकत का अहसास कराइए और ताकत का अहसास कराएंगे तो ये पत्थरबाज आपके लिए सड़कों पर झाड़ू लगाकर रास्ता साफ करते हुए दिखाई देंगे। यह बजरंगी पताखा हर घर में दिखाई देगी। इस ताकत का अहसास कराने के लिए ही यह चुनाव आपके पास है। बंटिए मत जातियों में। जाति के नाम पर बांटने वाले लोग वही हैं जो आपको जाति, क्षेत्र और भाषा के रूप में बाटेंगे और जब आप पर संकट आएगा तो कोई आपके साथ खड़ा नहीं होगा। यही कांग्रेस करती आई है लगातार 1947 से, यही कांग्रेस ने देश को जख्म दिए। यह आरजेड़ी ने बिहार और झारखंड मुक्ति मोर्चा झारखंड के साथ कर रही है।'

यूपी के सीएम ने 'कटेंगे तो बटेंगे' नारे को समझाते हुए एक रहने की अपील की तो बांग्लादेशी घुसपैठ से डेमोग्राफी में बदलाव को लेकर सतर्क भी किया। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह झारखंड में घुसपैठ करा रहे हैं और इसी तरह डेमोग्राफी चेंज होती रही। आज ये लोग यात्रा रोक रहे हैं, आने वाले समय में घरों में घंटी और शंख भी नहीं बजाने देंगे। इसलिए आवश्यकता है कि भाजपा को लाइए। एक रहिए और नेक रहिए। मैं तो बार-बार कहता हूं देश का इतिहास गवाह है, जब भी जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटे हैं तो निर्ममता से कटे भी हैं। हम बार-बार इस बात को कहते हैं कि जातियों के नाम पर मत बंटिए। ये बांटने वाले लोग देश को धोखा दे रहे हैं।’

योगी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार में बेटी और बहन सुरक्षित नहीं है। माफिया हर जगह हावी हैं। कहीं बांग्लादेशी घुसपैठ कहीं रोहिंग्या घुसपैठ। दुस्साहस की पाराकाष्ठा तब होती है जब पर्व और त्योहार में पथराव किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में भी ऐसा होता था लेकिन अब ना कर्फ्यू ना दंगा, यूपी में सब चंगा।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति