हर आपात स्थितियों से निपटने को अत्याधुनिक तकनीक से लैस चलता-फिरता अस्पताल है भीष्म क्यूब सर्जिकल महाकुंभ में तैनात होगा

प्रयागराज
महाकुंभ-2025 में आपात स्थितियों से निपटने के लिए योगी सरकार ने व्यापक तैयारी की है। महाकुंभ में पहली बार भीष्म क्यूब की तैनाती की जा रही है, जो अत्याधुनिक तकनीक से युक्त क्रांतिकारी मोबाइल अस्पताल है। गौरतलब है कि 22 जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भी भीष्म क्यूब की तैनाती की गई थी।

संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य, प्रयागराज डॉ. वी.के. मिश्रा ने बताया कि एक भीष्म (बैटलफील्ड हेल्थ इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर मेडिकल सर्विसेज) क्यूब 200 लोगों का एक साथ उपचार कर सकता है। भीष्म क्यूब में सर्जिकल सुविधाएं, डायग्नोस्टिक टूल्स और रोगी के देखभाल से संबंधित सभी सुविधाएं मौजूद हैं। ये बेहद मजबूत, वॉटरप्रूफ और हल्के हैं। इससे तुरंत इलाज की सुविधा शुरू की जा सकती है। यह चिकित्सा सेवाओं के प्रभावी समन्वय, वास्तविक समय में निगरानी और कुशल प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डाटा एनालिटिक्स को एकीकृत करता है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि भीष्म क्यूब की पूरी यूनिट को आसानी से हाथ, साइकिल या ड्रोन द्वारा भी ले जाया जा सकता है। इस चलते-फिरते अस्पताल की खासियत यह है कि इसे आपातकालीन परिस्थितियों में विमान से एयरड्रॉप किया जा सकता है। भीष्म क्यूब 12 मिनट के भीतर तैनात होने की क्षमता रखता है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि इन पोर्टेबल हॉस्पिटल क्यूब्स का विकास और परीक्षण भारतीय वायुसेना, भारतीय स्वास्थ्य सेवा संस्थानों और डिफेंस टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स ने मिल कर किया है।

गौरतलब है कि इसी साल अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यूक्रेन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को भीष्म क्यूब की यूनिट्स भेंट स्वरूप दी थीं।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति