स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रसव-प्रतीक्षालय की नवाचारी पहल, मील का पत्थर – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

इंदौर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को अरविंदो यूनिवर्सिटी इंदौर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त "प्रसव-प्रतीक्षालय" का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्य प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं को क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा रहा है। मेडिकल टूरिज्म डेवलपमेंट करने की सोच विकसित हो रही है। प्रसव-प्रतीक्षालय की पहल स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रसव-प्रतीक्षालय का नवाचार अभिनव पहल है। प्रसव-प्रतीक्षालय से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता महिलाओं एवं उनके परिजनों को समय पर स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रसव-प्रतीक्षालय की यह नवाचारी पहल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मिल का पत्थर सिद्ध होगी। इस प्रयास को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अरविंदो अस्पताल प्रबंधन का चिकित्सा सेवा भाव अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को गोद लेने की डॉ. विनोद भंडारी की पहल का स्वागत करते हुए शासन की ओर से हर संभव सहयोग के लिये आश्वास्त किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को डॉ. भंडारी ने स्मृति-चिन्ह भेंट किया।

 कार्यक्रम में विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, गौरव रणदीवे, अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. विनोद भंडारी, प्रबंध निदेशक डॉ. महक भंडारी, वाइस चांसलर डॉ. ज्योति बिंदल, अधिष्ठाता श्रीमती जयकापड़िया सहित बड़ी संख्या में सेम्स अस्पताल के चिकित्सक, विद्यार्थी उपस्थित थे। इस अवसर पर संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में डॉ. भंडारी ने स्वागत सम्बोधन दिया। उन्होंने प्रसव-प्रतीक्षालय की अवधारणा पर विस्तृत जानकारी दी।  डॉ. महक भंडारी ने संस्था के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. भंडारी ने बताया कि भंडारी समूह एवं अरविंदो विश्वविद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सिविल अस्पतालों में शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए राज्य शासन के साथ काम करेंगे। शासन के एनआरएचएम के साथ ट्रेनिंग प्रोटोकॉल का विस्तृत मॉडल प्रोजेक्ट तैयार कर सबसे पहले इंदौर और उज्जैन में शुरू किया जाएगा। अल्ट्रा मॉडर्न सुविधाओं एवं संसाधनों से युक्त प्रसव-प्रतीक्षालय में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के एक से दो सप्ताह पूर्व से ही वर्तमान समय की श्रेष्ठतम सुविधाएं एवं सहूलियतें 'अरविंदो अस्पताल प्रोटोकाल' के तहत प्रदान की जाएंगी। डॉ. भंडारी ने बताया कि प्रसव-प्रतीक्षालय में जैसे ही कोई महिला प्रसव के लिए एडमिट होगी, उसकी 24 घंटे सतत निगरानी के साथ सभी तरह की सावधानियाँ रखनी शुरू कर दी जाएंगी। उन्हें 'एंटीनेटल एक्सरसाइज कराने के साथ एंटीनेटल डाइट' भी दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं को 'फिजियोथेरेपी, म्यूजिक थेरेपी, बर्थिंग वाथ एक्सरसाइज, अरोमा थेरेपी आदि की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। 'फुली एयरकंडीशंड प्रसव-प्रतीक्षालय' में मरीज के साथ आए परिजन (अटेंडर्स) की सुविधाओं का भी प्रसव-प्रतीक्षालय में ख्याल रखा जाएगा।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति