बालाघाट के सरकारी अस्पताल में जुड़वा बच्चों की बारिश, एक सप्ताह में नौ जुड़वा बच्चों ने अस्पताल में लिया जन्म

बालाघाट
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के सरकारी अस्पताल में एक हफ्ते में नौ महिलाओं ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। ये घटना 28 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच हुई। सभी जुड़वा बच्चों में एक लड़का और एक लड़की थी। इसे लोग कुदरत का करिश्मा ही मान रहे हैं। इससे पहले अस्पताल में कभी ऐसा नहीं हुआ है। वहीं, जन्म के बाद सभी बच्चे स्वस्थ हैं।

30 साल के करियर में पहली बार हो रहा ऐसा

अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर निलेश जैन ने बताया कि उनके 30 साल के करियर में उन्होंने ऐसा कभी नहीं देखा। उन्होंने इसे अपने जीवनकाल की अनोखी घटना बताया है। डॉक्टर जैन ने कहा कि मैंने अपने करियर में इतने सारे जुड़वा बच्चों को एक साथ कभी नहीं देखा। ऐसा लग रहा था मानो वार्ड में जुड़वा बच्चों की बारिश हो रही हो।

छह जुड़वा बच्चे तो 72 घंटे में पैदा हुए

छह जुड़वाबच्चे तो 72 घंटे के भीतर ही पैदा हुए थे। बाकी के तीन जोड़े उस हफ्ते के अंत तक पैदा हुए। एक बच्ची की मौत कम वजन होने के कारण हो गई लेकिन बाकी सभी बच्चे स्वस्थ हैं।

यह दुर्लभ घटना

डॉक्टर जैन ने कहा कि ये वाकई एक दुर्लभ घटना है और इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं है। यह कुदरत का करिश्मा है। उन्होंने कहा कि मैं SNCU यूनिट में सभी बेड पर जुड़वा बच्चों को देखना कभी नहीं भूलूंगा।

अलग-अलग गांवों की हैं महिलाएं

सभी महिलाएं जिन्होंने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, जिले के अलग-अलग गांवों से हैं। जिस बच्ची की मौत हुई उसके माता-पिता अपने बेटे को लेकर अपने गांव चले गए हैं। बाकी सभी बच्चों और उनकी माताओं को अस्पताल में ही रखा गया है, जहां डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह खबर नक्सल प्रभावित बालाघाट के लिए बेहद खुशी की बात है। हालांकि किसी भी महिला ने IVF ट्रीटमेंट नहीं करवाई थी।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति