एलएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस इंडक्शन प्रोग्राम 2024 ‘ज्ञानारांभ’ का हुआ आयोजन

भोपाल
 कोलार रोड़ स्थिति एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के एलएन मेडिकल कॉलेज में बुधवार को एमबीबीएस इंडक्शन प्रोग्राम 2024 ‘ज्ञानारांभ’ का आयोजन किया गया। कॉलेज के सीनियर छात्रों द्वारा नवप्रवेशित छात्रों का गरमजोशी के साथ स्वागत किया गया। सीनियर्स द्वारा खास स्वागत करने पर उनकी खुशी और दो गुना बढ गई। कार्यक्रम में उत्साह एवं उमंग के साथ जूनियर व सीनियर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने गीत, संगीत व नृत्य की त्रिवेणी प्रवाहित की तो दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्य अथिति के रूप में शामिल हुए एलएनसीटी ग्रुप के फाउंडेशन जय नारायण चौकसे, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी की चांसलर पूनम चौकसे, एलएनसीटी ग्रुप के सेकेट्री डॉ. अनुपम चौकसे, यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर धर्मेन्द्र गुप्ता, यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ श्वेता अनुपम चौकसे, यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पूजा श्री चौकसे, यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. एन के थापक, एलएन मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नलिनी मिश्रा, डॉ. सत्यपति, और यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ए.के. सोनी ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन कर की।

बच्चों के डेवलपमेन्ट में माता पिता का इन्वॉलमेंट जरुरी : जय नारायण चौकसे
एलएनसीटी ग्रुप के फाउंडेशन जय नारायण चौकसे ने नवप्रवेशित छात्रों का स्वागत करते हुए उनके उज्वल भविष्य की कामना की और कहा, एलएन मेडिकल कॉलेज का यह 16वां वर्ष है। जीवन का सबसे अच्छा वर्ष 16 वर्ष को माना जाता है, आप सभी बहुत भाग्यशाली है जिन्होंने इस वर्ष यहां दाखिला लिया है। उन्होंने नवप्रवेशित छात्रों के अभिभावकों को एलएन मेडिकल कॉलेज और यहां के एजुकेशन सिस्टम के बारेमें विस्तार से बताया। साथ ही कहा की, जिस तरह वह आज उनके बच्चों के ‘ज्ञानारांभ’ कार्यक्रम में शामिल होने आए है उसी तरह महीने में एक बार जरूर उनसे मिलने आए और उनकी पढ़ाई के बारेमें जाने, ताकि आगे चल कर वें अच्छे डॉक्टर बन सके। उन्होंने कहा, बच्चों के डेवलपमेन्ट में माता पिता का इन्वॉलमेंट बहुत जरुरी होता है।

अब मेडिकल एजुकेशन योग्यता आधारित पाठ्यक्रम हो गया है : डॉ. नलिनी मिश्रा
नए छात्रों का स्वागत करते हुए एलएन मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नलिनी मिश्रा ने कहा, एलएन मेडिकल कॉलेज मध्य भारत का सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज है। उन्होंने छात्रों को बताया की अब मेडिकल एजुकेशन योग्यता आधारित पाठ्यक्रम हो गया है। आज से 45 साल पहले मेडिकल की पढ़ाई उतनी संरचित नहीं हुआ करती थी जितनी आज है। अब यह अधिक छात्र केंद्रित हो गई है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी की आप की मेडिकल की पढ़ाई खत्म होने तक हम आप को एक कॉम्पिटेन्ट मेडिकल ग्रेजवेट बना सके। उन्होंने छात्रों को बताया की एक अच्छा डॉक्टर बनने के लिए आप को जीवन भर सीखना पड़ेगा। साथ ही यह भी बताया की आने वाले समय में किस तरह एक मरीज और उनके परिजनों के साथ व्यवहार रखना है।

छात्रों में मेहनत करने का मोटिवेशन होना बहुत जरुरी : एन के थापक
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर  डॉ एनके थापक ने कहा, हमारा संस्थान सिर्फ एक संस्थान ही नहीं है बल्कि एक जीती जागती संस्कृति है। हम आप को आप के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को निखारने का यहां एक प्लेटफार्म प्रदान करते है। उन्होंने कहा छात्रों में मेहनत करने का मोटिवेशन होना बहुत जरुरी है। बदलाव के लिए तैयार रहें, और हमेशा कुछ अलग करने की कोशिश करते रहें। एलएन सीटी से जुडा हर बच्चा न केवल मनुष्यता के गुण सीखता है बल्कि यहां की संस्कृति को आत्मसाह करने की कोशिश भी करता है। उन्होंने कहा कोई भी संस्थान तभी महान बनता है जब वहां रोज़ प्रेरणा देने वाली संस्कृति होती है, ऐसी ही संस्कृति एलएनसीटी ग्रुप आप को हर रोज़ प्रदान करता है। अपने माता पिता का सपना पूरा करने लिए पूरी जान लगा दें।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति