सौरभ भारत के रहने वाले हैं लेकिन देश छोड़कर अमेरिका चले गए, अब वह भारत वापसी की तैयारी में लग चुके

नई दिल्ली
इसी साल अमेरिका और वेस्टइंडीज की संयुक्त मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप-2024 खेला गया था। इस वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान ने अपने शुरुआती राउंड के मैच अमेरिका में खेले थे। दोनों टीमों के ग्रुप में मेजबान अमेरिका की टीम थी जिसके तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रावलकर ने अपनी गेंदबाजी से खूब सुर्खियां बटोरी थीं। सौरभ भारत के रहने वाले हैं लेकिन देश छोड़कर अमेरिका चले गए। अब वह भारत वापसी की तैयारी में लग चुके हैं।

सौरभ का जन्म भारत में ही हुआ था। वह मुंबई की अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे और सूर्यकुमार यादव के साथ भी खेले। लेकिन मौका न मिलने के कारण वह अमेरिका चले गए और वहां नौकरी के साथ-साथ क्रिकेट खेलने लगे। टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने विराट कोहली, रोहित शर्मा को अपना शिकार बनाया था। पाकिस्तान के खिलाफ भी वह छा गए थे।

  • admin

    Related Posts

    AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

    तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति