आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो का बरसों पुराना इंतजार खत्म! तीन डिब्बों की रेल से होगा शुरू होगा सफर

 इंदौर

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में मेट्रो रेल का बरसों पुराना इंतजार वर्ष 2025 की शुरुआत में खत्म हो सकता है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत में शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक-तीन के बीच 5.9 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले खंड पर मेट्रो रेल चलाई जाएगी। यहां सितंबर 2023 में इसका प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) किया गया था।
ट्रायल पूरा होते ही सौंपी जाएगी रिपोर्ट

अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि हम इस मार्ग पर नये साल की शुरुआत में मेट्रो रेल के वाणिज्यिक परिचालन के आगाज की कोशिश में जुटे हुए हैं। इसके लिए मार्ग पर हमारे अलग-अलग परीक्षण जारी हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ये परीक्षण पूरे होते ही मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) को अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। इसके बाद सीएमआरएस का दल इस मार्ग का निरीक्षण करके इंतजामों का जायजा लेगा।

इनकी हरी झंडी मिलते ही शुरू होगा परिचालन

अधिकारी ने बताया कि सीएमआरएस की हरी झंडी के बाद ही इस मार्ग पर मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है। हालांकि शुरुआत में हम तीन डिब्बों की रेल चलाएंगे। यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं।

मैट्रो की क्षमता, लागत और गलियारे की लंबाई

अधिकारी ने बताया कि मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इसके तहत शहर में करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है।

मेट्रो रेल कॉरपोरेशन बताया, शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है.  हालांकि, शुरुआत में हम तीन डिब्बों की रेल चलाएंगे. यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं. मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं.

इंदौर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी. इसके तहत शहर में करीब 31.50 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल कॉरिडोर बनाया जाना है.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति