समोसा खाने से बिगड़ी मासूम की तबियत, आलू के साथ मरी हुई छिपकली देख परिवार के उड़े होश!

रीवा
आजकल बाहर का थाना इतना खतरनाक हो गया है कि पूछिए मत, दुकानदार मुनाफे के चक्कर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने में जरा भी नहीं सोच रहे हैं। कीड़े वाले पिज्जा से लेकर सड़ा हुआ खाना कस्टमर को पहुंचाया जा रहा है। ताजा मामला इससे कई गुना खतरनाक है।

रीवा के निपनिया मोहल्ले में एक 5 साल के बच्चे को समोसा खाना भारी पड़ गया। उसने जैसे ही खाने का एक निवाला अंदर लिया तो अजीब स्वाद से समोसे को रख दिया, फिर उसकी तबीयत खराब होने लगी। परिजनों ने मसाले को देखा तो उनके होश उड़ गए। अंदर एक मरी हुई छिपकली थी। छिपकली वाला समोसा खाने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे परिजनों ने गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।

समोसे जलेबी खरीदना पड़ा भारी

घटना गुरुवार की बताई जा रही है। बच्चे के पिता पंकज शर्मा अपनी पत्नी का इलाज करवाने के बाद अपने दोस्त के साथ घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने अपने दोस्त से पास की एक दुकान से समोसे और जलेबी खरीदने को कहा।

आधी छिपकली मिली समोसे में

घर पहुंचने पर बच्चे ने खाना मांगा और उसे समोसे दिए गए। बच्चे ने जैसे ही आधा समोसा खाया, उसे कुछ अजीब सा स्वाद लगा और उसने बाकी समोसा नीचे रख दिया। तुरंत उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। पिता को शक हुआ और उन्होंने बचा हुआ समोसा उठाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। छिपकली का आधा शरीर समोसे में था।

परिवार करेगा शिकायत

परिवार का कहना है कि उन्होंने ढेकहा मोहल्ले में स्थित सुरेश होटल नामक दुकान से समोसे और जलेबी खरीदी थी। वे अब दुकानदार के खिलाफ पुलिस और खाद्य विभाग में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति