राजस्थान-अलवर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने रामगढ़ में किया गमछा डांस

अलवर.

कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गमछा डांस ने रामगढ़ उपचुनाव में समा बांध दिया। कल रामगढ़ के बडोदामेव में कांग्रेस की जनसभा में डोटासरा ने जोरदार गमछा डांस किया। इस सभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और असम के प्रभारी जितेंद सिंह और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली, कांग्रेस उम्मीदवार आर्यन जुबेर और जिला अध्यक्ष योगेश मिश्री भी उपस्थित थे।

बता दें कि डोटासरा ने भाषण की जगह गमछा डांस ही किया। डोटासरा ने गमछा डांस के बाद कांग्रेस उम्मीदवार आर्यन को गले लगाया और यह गमछा उनसे गले मिलकर गले में डाल दिया। डोटासरा ने काफी देर तक गमछा लेकर ठुमके लगाए, जिससे मीटिंग में आनंद आ गया। डोटासरा का गमछा डांस देख कर जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली के साथ जनसभा में आये लोग भी आनंद लेते दिखे। डोटासरा पहले भी कई जगह इस तरह का गमछा डांस कर चुके है। हालांकि उनका भाषण भी जोरदार रहता है और भाजपा सरकार को पर्ची सरकार का नाम भी डोटासरा ने ही दिया है। वे कहते है कि मुख्यमंत्री पर्ची से ही निकले है। कल उन्होंने भाषण तो बहुत कम दिया या यूं कहे कि डांस काफी देर तक जोरदार किया। इस डांस का लोगों ने भी भरपूर लुत्फ उठाया।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति