पाकिस्तान में खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण, लाहौर सहित कई जिलों में पार्क-स्कूल बंद

लाहौर

पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदूषण से इतना बुरा हाल है कि सांस लेना मुश्किल हो गया है। पाक की पंजाब सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दे दिया है। इसके अलावा संग्रहालय और पार्क भी बंद कर दिए गए हैं। स्मोग इतना है कि दृश्यता बेहद कम हो गई है और वाहन चलना भी मुश्किल हो रहा है। शुक्रवार को लाहौर, गुजरांवाला, फैसलाबाद, मुल्तान, शेखुपुरा, कसूर, ननकाना साहिब, गुजरात, हाफइजाबाद, मंडी बहाउद्दीन, टोबा टेक सिंह, वेहारी और खानेवाल में प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।

दक्षिण पंजाब के सबसे बड़े शहर मुल्तान में वायु की गुणवत्ता सुबह 8 से 9 बजे के बीच 2135 के पार चली गई। हवा में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने की वजह से लोगों का स्वास्थ्य खराब होने लगा है। मुल्तान का एक्यूआई रात के 10 बजे 980 के पार चला गया। 300 का स्तर ही खतरनाक की श्रेणी में होता है।

मुल्तान के तीन क्वालिटी मॉनिटर कार्यालयों में हवा की गुणवत्ता 2313, 1635 और 1527 बताई गई है। पाकिस्तान के शिक्षा विभाग ने ट्यूशन सेंटर भी बंद करने के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि शुक्रवार को पलूशन की रैंकिंग में पाकिस्तान के सात शहरों की हालत खराब थी। लाहौर और आसपास की जगहों पर हवा की गति 11 किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम है। ऐसे में प्रदूषण की मात्रा खतरनाक श्रेणी से बी ज्यादा हो गई है।

लाहौर में पूरा दिन घने स्मोग की चादर छाई रहती है। यहां प्रशासन ने निर्माण का कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया है। यहां एक्यूआई 784 को पार कर गया है। खतरनाक धुंध की वजह से दैनिक गतिविधियां मुश्कलि हो गई हैं। वहीं लोगों को बाहरी हवा के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई है। लोग घरों से बाहर मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।

 

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