भौंरा धपाड़ा के पास हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलटी बस, 28 यात्री घायल

बैतूल
बैतूल-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात तेज रफ्तार से जा रही एक यात्री बस बेकाबू होकर पलट गई। भौंरा धपाड़ा के पास हुए इस हादसे में बस में सवार 28 यात्री घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर एवं जिला अस्पताल बैतूल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त बस में सवार सभी यात्री गहरी नींद में सोए हुए थे।

जानकारी के अनुसार नागपुर-भोपाल फोरलेन हाईवे पर धपाड़ा जोड़ के पास अनियंत्रित होकर भोपाल ट्रैवल्स की बस बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गई। बस नागपुर से भोपाल की ओर जा रही थी। बस में 32 यात्री सवार थे, जिसमें से 28 यात्री घायल हो गए।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाने का इंतजाम किया। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर लाया गया, जिसमें से आठ मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल बैतूल रेफर किया गया है। क्रेन की मदद से हाईवे पर पलटी बस को मार्ग से हटाया गया।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति