प्रख्यात तमिल अभिनेता ‘दिल्ली’ गणेश का निधन

चेन्नई,

 प्रख्यात तमिल अभिनेता ‘दिल्ली’ गणेश का बीमारी के कारण यहां उनके आवास पर शनिवार देर रात निधन हो गया। उनके परिवार ने यह जानकारी दी। वह 80 वर्ष के थे।

अभिनेता के बेटे महा दिल्ली गणेश ने पत्रकारों को बताया कि उनके पिता को उम्र संबंधी बीमारियां थीं और उनका उपचार हो रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘गत रात्रि जब हमने उन्हें दवा देने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। एक चिकित्सक ने उनकी मौत की पुष्टि की।’’

परिवार के एक अन्य सदस्य ने बताया कि गणेश का रामपुरम स्थित उनके आवास पर नींद में ही निधन हो गया। परिवार ने एक बयान में कहा कि दिल्ली गणेश का नौ नवंबर को रात 11 बजे निधन हो गया। फिल्म जगत की हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया है।

तिरुनेलवेली के रहने वाले गणेश ने 400 से अधिक फिल्मों में विविध प्रकार की यादगार भूमिकाएं निभाईं। गणेश के अभिनय करियर की शुरुआत 1960 में हुई थी जब उन्होंने दिल्ली में नाटकों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभाईं। दिल्ली में उन्होंने एक दशक तक असैन्य पद पर भारतीय वायुसेना में काम किया था।

बाद में, वह भारतीय वायुसेना की नौकरी से इस्तीफा देकर चेन्नई आ गए और अभिनेता ‘कथड़ी’ राममूर्ति की मंडली में शामिल हो गए। उन्होंने ‘डाउरी कल्याणम’ समेत कई नाटकों में अभिनय किया।

जब दिग्गज फिल्म निर्देशक के. बालचंदर ने 1977 में नाटक ‘पत्तिनाप्रेवसम’ पर आधारित एक फिल्म बनाई तो गणेश को सिनेमा जगत में काम करने का पहला अवसर मिला। इसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और रजनीकांत, कमल हासन तथा विजयकांत समेत शीर्ष सितारों के साथ फिल्मों में शानदार मुख्य भूमिकाएं निभाईं।

‘माइकल मदाना कामराजन’ और ‘एव्वई षणमुगी’ समेत कमल हासन की फिल्मों में गणेश की भूमिकाएं खूब पसंद की गईं। उन्होंने हासन की ब्लॉकबास्टर फिल्म ‘अबूर्वा सगोथारारगल’ (हिंदी में अप्पू राजा) में खलनायक की भी यादगार भूमिका निभाई।

मंच पर नाटकों में गणेश के अभिनय ने संवाद अदायगी के मामले में उन्हें फिल्म जगत में मजबूत पहचान दी और चार दशकों के अपने करियर में उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों में विविध प्रकार की भूमिकाएं निभाईं। वह वेब सीरीज में भी काफी सक्रिय रहे।

उन्हें तमिलनाडु सरकार के कलाईममानी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। चूंकि वह लंबे समय तक दिल्ली में रहे तो सिनेमा में आने पर इस शहर का नाम उनके नाम के आगे जुड़ गया।

मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने गणेश के निधन पर शोक जताया और कहा कि यह तमिल सिनेमा उद्योग के लिए ‘‘बड़ी क्षति’’ है। उन्होंने विभिन्न फिल्मों में अदा की गईं उनकी भूमिकाओं को भी याद किया।

  • admin

    Related Posts

    कभी मां के साथ बासी खाना खाने वाली भारती सिंह आज नैनी को देती हैं महंगे तोहफे

    मुंबई भारती सिंह का एक प्यारा सा वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर खूब सुर्खियों में है। इस वीडियो में वो अपने बच्चों की नैनी रूपा दी को उनके बर्थडे पर…

    ऋचा चड्ढा नॉन-फिक्शन ट्रैवल और कल्चर सीरीज़ को करेंगी प्रोड्यूस

      मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता ऋचा चड्ढा एक नए और रोमांचक प्रोजेक्ट के साथ अपनी क्रिएटिव दुनिया को आगे बढ़ा रही हैं। ऋचा चड्ढा एक नॉन-फिक्शन सीरीज़ को प्रोड्यूस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति