ओडिशा पहुंचे जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने ‘वक्फ के नाम पर जमीन हड़पना बंद हो’ की दी चेतावनी

भुवनेश्वर.

वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर बनी जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ओडिशा दौरे पर हैं। भुवनेश्वर में मीडिया से बात करते हुए जगदंबिका पाल ने कहा कि जेपीसी गठन के बाद से कर्नाटक में वक्फ बोर्ड द्वारा जमीन पर दावों के नोटिस में 38 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जेपीसी अध्यक्ष ने ये भी कहा कि कर्नाट के अल्पसंख्यक मंत्री अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर वक्फ के मामलों में कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं जेपीसी के सदस्य बृज लाल ने कहा कि वक्फ के नाम पर जमीन हड़पना बंद होना चाहिए।

वक्फ जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि 'संसद सत्र के दौरान भी ऐसा कभी नहीं होता कि हर सत्र की बहस के दौरान सभी सांसद मौजूद हों। जेपीसी के अध्ययन दौरे का मतलब ये नहीं है कि सभी सदस्य मौजूद हैं या नहीं। इसका उद्देश्य प्रशासन, वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और जिस राज्य में वे जाते हैं, वहां के सभी हितधारकों को सुनने का मौका देना है। हितधारकों से मिलने के लिए जेपीसी के सभी सदस्यों का मौजूद रहना जरूरी नहीं है, वे दूसरे कामों में व्यस्त हैं। जेपीसी के गठन के बाद, कर्नाटक वक्फ बोर्ड द्वारा राज्य के किसानों को दिए जाने वाले नोटिस में 38% की तेजी आई है। राज्य सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री ने हर जिले में वक्फ न्यायाधिकरण स्थापित करना शुरू कर दिया है। मंत्री वक्फ कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर काम कर रहे हैं।'

'किसी को बेलगाम घोड़े की तरह घूमने नहीं दे सकते'
जेपीसी अध्यक्ष के साथ ओडिशा दौरे पर पहुंचे जेपीसी के सदस्य और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृज लाल ने कहा कि जेपीसी की बैठकों के दौरान बाधा उत्पन्न करना सिर्फ उनका राजनीतिक एजेंडा है। यहां हम हितधारकों को सुनते हैं और रिपोर्ट के आधार पर काम करते हैं। वक्फ संशोधन विधेयक का गठन इसलिए किया गया ताकि वक्फ के नाम पर जमीन हड़पना बंद हो। हमने कलेक्टर को शक्तियां दी हैं, जो पहले वक्फ सर्वेक्षणकर्ताओं के पास थीं। हम किसी को बेलगाम घोड़े की तरह घूमने नहीं दे सकते ताकि वे वक्फ के नाम पर किसानों की जमीनें हड़प सकें।'

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति