15 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में उच्च न्यायालय ने महेंद्र सिंह धोनी को भेजा नोटिस

रांची
झारखंड उच्च न्यायालय ने महान विकेटकीपर बल्लेबाज और पूर्व भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को उनके पूर्व साझेदारों मिहिर दिवाकर और सौम्या दास द्वारा दायर एक मामले में नोटिस जारी किया। दिवाकर और दास आर्का स्पोर्ट्स एंड मैनेजमेंट लिमिटेड के निदेशक हैं और उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान के साथ उनके नाम का उपयोग करके क्रिकेट अकादमी खोलने के लिए समझौता किया था।

धोनी ने उन पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए 5 जनवरी को रांची में उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने 2021 में उनके अधिकार को रद्द करने के बाद भी उनके नाम का उपयोग करके क्रिकेट अकादमी खोलना जारी रखा। क्रिकेटर ने आरोप लगाया कि उनके साथ 15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई।

दिवाकर और दास ने रांची में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा उनके खिलाफ लिए गए संज्ञान को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया। धोनी को उच्च न्यायालय ने मामले में पेश होने और अपना रुख स्पष्ट करने का आदेश दिया है।

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति