भिलाई इस्पात संयंत्र में ब्लास्ट फर्नेस नंबर 6 से गैस लीकेज, तीन ठेका श्रमिक बेहोश

भिलाई

भिलाई इस्पात संयंत्र में एक बड़ी घटना घटी है, यहां ब्लास्ट फर्नेस नंबर 6 से गैस लीक हो गई, जिससे तीन ठेका श्रमिकों की तबियत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। गैस के संपर्क में आने वाले श्रमिकों में रिजवान, हरिचरण और मोहनलाल गुप्ता शामिल है।

घटना के बाद तुरंत ही इन श्रमिकों को सेक्टर 9 अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। गैस लीक होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है, और इस बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है।

इस घटना के बाद संयंत्र में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। अस्पताल में भर्ती श्रमिकों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, और उनकी पूरी निगरानी की जा रही है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, गैस लीक होने की घटना संयंत्र में कार्य के दौरान हुई, और इसे लेकर स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति