देव उठनी एकादशी पर अमरकंटक में संत ने पंच महाआरती, भजन संध्या सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया

भोपाल

देव उठनी एकादशी के पावन पर्व पर मां नर्मदा की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक में संत मण्डल द्वारा 11 हजार दीपदान, पंच महाआरती, भजन संध्या सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अमरकंटक के इतिहास में संत मंडल के नेतृत्व एवं जन-सहभागिता से आध्यात्मिक, धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भव्य एवं मंत्रमुग्ध करने वाला था। कलेक्टर हर्षल पंचोली सपत्नीक आयोजन में मुख्य यजमान के रुप में शामिल हुए। कार्यक्रम में अमरकंटक, पेण्ड्रा, राजेन्द्रग्राम, अनूपपुर,कोतमा, बिजुरी, डिण्डोरी, बुढार, शहडोल के लोगों ने भी बढ चढ कर हिस्सा लिया।

देवउठनी एकादशी- तुलसी विवाह अवसर पर अमरकंटक संत मण्डल द्वारा नर्मदा उद्गम के रामघाट के दक्षिण तट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। श्रद्धालुओं द्वारा रामघाट को रंगोली,पुष्पमाला,रंगीन बिजली की लाईट से सजावट कर कार्यक्रम को अत्यंत मनोहारी बनाया गया था। शायं 5 बजे से शुरु हुआ कार्यक्रम रात्रि 9 बजे तक चला। दीपदान और पंच आरती से पूर्व भजन कीर्तन , वैदिक मंत्रोच्चारण कर नर्मदाष्टक से नर्मदा मैया की विधिवत पूजा-अर्चना की गयी। मृत्युंजय आश्रम के वेदपाठी शिष्यों द्वारा सस्वर पाठ किया गया। इसके पश्चात नर्मदा तट के रामघाट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलन के साथ दीपदान करते हुए काशी के आचार्यों द्वारा पंच महाआरती की गयी।

सांस्कृतिक आयोजन से मंत्र मुग्ध हुए लोग

अमरकंटक संत मंडल के द्वारा आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में मां कल्याणिका पब्लिक स्कूल पेंड्रा रोड, कल्याणिका केन्द्रीय शिक्षा निकेतन विद्यालय अमरकंटक, सरस्वती शिशु उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरकंटक एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमरकंटक के छात्र-छात्राओं ने कला का प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आकर्षक प्रस्तुति देने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया।

दस सदस्यीय प्रशिक्षु आईएएस दल ने किया अवलोकन

जिले में दस सदस्यीय प्रशिक्षु आईएएस दल भ्रमण पर है। नर्मदा तट पर आयोजित दीपदान-पंच आरती कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईएएस दल भी शामिल हुए। प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने श्रद्धाभाव से कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। कलेक्टर पंचोली ने कहा कि सभी के सहयोग से ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ है। इसे प्रतिवर्ष सभी के सहयोग से मनाया जायेगा।

नर्मदा स्वच्छता का दिया संदेश

दीपदान महोत्सव के पूर्व संत मंडल के पूज्य संतों ने नर्मदा जी में स्वच्छता अभियान चलाया। संतों द्वारा नर्मदा जी में उतर कर लगभग तीन घंटे श्रमदान कर नदी और घाट की सफाई की और स्वच्छता का संदेश दिया गया।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति