राजस्थान-केकड़ी पुलिस ने जब्त किया 77 गोवंश से भरा कंटेनर

केकड़ी.

केकड़ी जिले के सरवाड़ क्षेत्र में एक गोवंश से भरा कंटेनर पुलिस ने जब्त किया। कंटेनर में 77 गोवंश इतनी बुरी तरह से ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे, दम घुटने से 19 की मौत हो गई। पुलिस ने कंटेनर जब्त कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। दरअसल, केकड़ी जिले के सरवाड़ थाना क्षेत्र में ग्राम खीरिया के पास शनिवार रात पुलिस ने अवैध रूप से भरा गया एक कंटेनर जब्त किया। इसमें 58 गोवंश जीवित और 19 मृत अवस्था में पाए गए। आरोपी रात का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जीवित गोवंश को सरवाड़ की नंदी गोशाला में रखवाया गया है। थाना प्रभारी जगदीश चौधरी ने बताया कि शनिवार रात गश्त के दौरान हेड कांस्टेबल मोहनलाल को मुखबिर से सूचना मिली कि खीरिया चौराहे पर एक कंटेनर में अवैध रूप से गोवंश भरा हुआ है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां कंटेनर खड़ा मिला। कंटेनर के आस-पास कोई चालक मौजूद नहीं था।

ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे गोवंश
अंधेरा होने के कारण कंटेनर को सरवाड़ की नंदी गोशाला लाया गया। वहां जांच करने पर पशुओं के साथ हुई क्रूरता का हृदयविदारक दृश्य सामने आया। कंटेनर में गोवंश ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे। जांच करने पर पता चला कि कुल 77 गोवंश भरे गए थे, जिनमें 45 बछड़े, 6 बैल, 4 गायें और 3 बछड़ियां जीवित थीं, जबकि 18 बछड़े और एक बछड़ी मिलाकर 19 गोवंश मृत पाए गए। 

दम घुटने से 19 की मौत
जीवित गोवंश का मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें नंदी गोशाला को सौंप दिया गया। मृत गोवंश का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों अशोक सुवालका, अनिल जांगिड़ और पंकज झारोटिया की टीम ने किया। इसके बाद मृत पशुओं का अंतिम संस्कार किया गया। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सुवालका ने बताया कि 19 गोवंश की मौत दम घुटने से हुई है। वहीं, 8 गोवंश घायल हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने ट्रक कंटेनर को जब्त कर बिना लाइसेंस और बिना परमिट के गोवंश का परिवहन करने के मामले में गौवंश अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ट्रक नंबर के आधार पर मालिक की तलाश कर रही है।

बंद वाहनों में अवैध गोवंश परिवहन
गौ तस्करों द्वारा अब बंद वाहनों का उपयोग किया जा रहा है ताकि किसी को शक न हो। पुलिस द्वारा ऐसे वाहनों की नियमित जांच नहीं किए जाने के कारण तस्करों के हौसले बुलंद हैं। तस्कर बंद वाहनों में गोवंश को भरकर धड़ल्ले से इनका परिवहन कर रहे हैं।

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