CM डॉ. मोहन ने किया ऐलान MP में टैक्स फ्री हुई द साबरमती रिपोर्ट

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने द साबरमती रिपोर्ट (The Sabarmati Report) को प्रदेश में टैक्स फ्री करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह फिल्म देखने जाएंगे। उनके साथ-साथ सांसद और विधायक भी फिल्म देखेंगे। सीएम ने कहा कि घटना का दूध का दूध पानी का पानी होना चाहिए।

वोटों की राजनीति के लिए गंदा खेल खेला गया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि साबरमती बहुत अच्छी फिल्म बनी है। टैक्स फ्री इसलिए की गई ताकि अधिकांश लोग देख सकें। यह एक काला अध्याय है। इस फिल्म को देखने से दूध का दूध पानी का पानी होना चाहिए। वोटों की राजनीति के लिए गंदा खेल खेला गया। हमारे प्रधानमंत्री ने उस समय मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात की इज्जत बचाई, देश की इज्जत बचाई। यह सच सामने आना ही चाहिए।

सीएम ने की भारत के इतिहास की तारीफ

मुख्यमंत्री आज भोपाल में आयोजित AUAP के 17 वें सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि इतिहास देखेंगे तो हिंदुस्तान के अतीत में। बांग्लादेश भी अपने ही करीब है। भारत का इतिहास शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा है। 1000 से 2000 साल तक देश-दुनिया के लोगों ने भारत आकर शिक्षा ग्रहण की। जीवन मूल्य और मेरिट का सबसे बेहतर तालमेल भारत में रहा है। नैतिक मूल्य का अंतर कौरव-पांडव में दिखाई देता है। रावण की महारथी था, लेकिन नैतिक मूल्य नहीं थे। रावण ने पूरी लंका ही सोने की बना ली थी। जिस बात की कमी थी वह हमारे सामने है। राम जी आम लोगों के साथ नैतिक मूल्य स्थापित करते हैं।

2 हजार साल से अपनी जमीन ढूंढ रहा इजरायल

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इजरायल लगातार संघर्ष कर रहा है। 2 हजार साल से अपनी जमीन ढूंढ रहा है। इसकी भी बात होनी चाहिए। लड़ कौन रहा है लड़वा कौन रहा है? मर कौन रहा है मरवा कौन रहा है? यह भी हमें देखना पड़ेगा। इस बीच जीवन मूल्य और शांति की बात कौन कर रहा है? यह सिर्फ भारत कर रहा है। जनता की योजनाओं के लिए भागीदारी का भाव लेकर चलना, यह भाव लेकर कौन आया?

मनमोहन सिंह पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मैं यहां राजनीति के लिए नहीं कह रहा। मेरे अंदर भाव आ रहा है इसलिए कह रहा। जो वित्त मंत्री रहे, जिनके पास फाइनेंस की डिग्रियां रहीं, लेकिन उनसे क्या चूक हुई? एक चाय वाले के दिमाग में आई कि बगैर पैसे के खाता खुल सकता है। यह शिक्षा व्यवस्था की चूक है? व्यवस्था की चूक है? भाव की चूक है या नैतिकता की चूक है? मुझे लगता है यह अंदर के आग की चूक है।

ज्ञान की कोई सीमा नहीं

सीएम ने आगे कहा कि हमारे देश का संबंध बांग्लादेश से अलग ही प्रकार का है। हमारे देश की गंगा बहते हुए बांग्लादेश से होते हुए समुद्र में मिलती है। मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई। ज्ञान की कोई सीमा नहीं, इसलिए डिग्री की बाध्यता और उम्र की बाध्यता को खत्म किया। मध्य प्रदेश में किसी भी उम्र में चाहे जितनी डिग्री चाहे उतनी कर सकते हैं।

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