मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से देश का सबसे सशक्त राज्य बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से देश का सबसे सशक्त राज्य बनाने के लिये प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए लगातार कार्य जारी है। प्रदेश में संभाग स्तर पर उद्योग समूहों को आमंत्रित कर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए जा रहे है, साथ ही तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में रोड-शो कर निवेशकों और उद्योग समूहों को प्रदेश में अपनी गतिविधियां संचालित करने और उनका विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया गया। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। अब भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वैश्विक स्तर से निवेशकों और उद्योग समूहों को प्रदेश में आमंत्रित करने के लिए उनकी इंग्लैंड और जर्मनी की यात्रा प्रस्तावित है, साथ ही अन्य देशों की यात्रा की भी योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में यह बात कही।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति